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सिंगरौली:मध्यप्रदेश

“आरती बंसल समाजसेविका सिंगरौली से 5 मिनट की मुलाकात की परिचर्चा “”समाज-कार्य या समाजसेवा एक शैक्षिक एवं जागरूकता व आत्मनिर्भरता मिशन है जो व्यक्तिगत, सामुहिक व सामुदायिक जीवन-स्तर को अच्छा बनाने का प्रयत्न करता है। सामाजिक कार्य का अर्थ है सकारात्मक, और सक्रिय मदद के माध्यम से लोगों और उनके सामाजिक माहौल के बीच उनके प्रतिभा को प्रोत्साहित करके व्यक्तियों की क्षमताओं को बेहतर करना ताकि वे आत्म निर्भरता से अपनी ज़िंदगी की ज़रूरतें पूरी करते हुए अपनी तकलीफ़ों को कम कर सकें।

मानवता ही सबसे बड़ी सेवा है। यही काम आपको औरों से अलग रखता है। इससे आपको को जो संतुष्टि व प्यार मिलता है उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं। यही सोचकर ‘ये’ नि:स्वार्थ भाव से सामाजिक कार्यों में लगी हुई हूँ। विंध्य में कई ऐसे सेवक हैं जो नि:स्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने में हमेशा आगे रहते हैं। इसके बदले उन्हें न तो किसी प्रकार के पारितोषिक की उम्मीद रहती और न ही किसी प्रकार की अन्य चाहत होती है।हम अक्सर समाजसेवा की बात करते हैं। दूसरे को प्रेरित भी करते हैं। उनके सामने कुछ उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं ताकि लोग मिसाल के रूप में लें और नेक कार्य को आगे बढ़ाने में योगदान दें। इसके भी दो रूप देखने को मिलते हैं। कोई सार्वजनिक रूप से सबको बताते हुए समाजसेवा करता है, तो कोई गुपचुप तरीके से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता है और समाज को माध्यम बनाकर पर्यावरण बचाने में लगे हुए हैं। तो कुछ ऐसे है जो इनका विरोध करते हैं वहीं इनसे जुड़े हुए लोग, सभी बातों को दरकिनार करते हुए सतत रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
।।शेष अगले अंक में।।

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