Advertisement

डिप्टी ब्यूरो चीफ – राजेन्द्र अग्रहरी सोनभद्र
पेट्रोलियम उत्पाद खासकर डीजल और पेट्रोल की बिक्री के लिए सरकार की ओर से कड़े नियम बनाए गए है।

सोनभद्र घोरावल भैरवा पेट्रोलियम उत्पाद खासकर डीजल और पेट्रोल की बिक्री के लिए सरकार की ओर से कड़े नियम बनाए गए है। इस नियम का पालन करना पेट्रोल विक्रेताओं के लिए अनिवार्य है। लेकिन, जिले में इसकी धज्जियां विजय कुमार अग्रहरि उड़ा रहे है। खुलेआम सड़कों के किनारे डीजल और पेट्रोल की बिक्री हो रही है। जिले के तकरीबन सभी छोटे बड़े बाजार, गांव देहात, मुख्य सड़कों के किनारे की कई गुमटियों मे बोतलों मे बंद कर डीजल और पेट्रोल बेचा जा रहा है। इन बिक्रेताओं को न लाइसेंस की जरूरत है और न ही परमिट की। जब जी चाहा दुकान खोल कर पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री शुरू कर देते है। गुमटियों में पेट्रोल की बिक्री होने से दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। यहां न तो मानक का ख्याल रखा जाता है और न गुणवत्ता का, फिर भी प्रशासन खामोश बैठा है। ऐसे दुकानदार ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल करते ही है। पेट्रोल मे मिलावट का धंधा भी खूब होता है। पेट्रोल मे केरोसिन तेल मिलाकर बेचना आम बात है। हद तो यह है कि यह खुल्लमखुल्ला खेल प्रशासनिक पदाधिकारियों के नजरों के सामने होता है। वावजूद ऐसे दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नही होती। कई बार तो जिनपर ऐसे अवैध धंधा रोकने की जिम्मेवारी है वो लोग भी अपने वाहनों में सड़कों के किनारे के गुमटियों से पेट्रोल खरीदकर भरते देखा जा सकता है। ऐसे दुकानदार पेट्रोल पंप से भारी मात्रा मे डीजल और पेट्रोल खरीदकर अपने दुकान मे रखते है। फिर उसे महगे दामों पर बेचा जाता है। जरूरतमंद इनको महंगा दाम चुकाने को मजबूर है। मिलावट और महंगा दाम के अलावे ऐसे दुकानदार माप मे भी कटौती कर खूब मुनाफा कमा रहे है। जिले मे कुकुरमुत्ते की तरह फैले इस धंधे पर लगाम के लिए प्रशासनिक पहल लगभग शून्य है। प्रशासन के नाक के नीचे यह अवैध धंधा फलफूल रहा है।

Advertisement