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कभी भी टंकी मे घुस कर बैठ सकते हैं धरने पर चोटीवाला

करोना संक्रमण एवं प्यास से ज्यादा धरने पर बैठकर मरना पसंद करेंगें चोटीवाला

धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया जिला प्रशासन एवं पी एच ई विभाग

अपने संघर्षों के दम पर जिले मे पहचान बना चुके सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ पटेल चोटीवाला ने एक बार फिर से पानी के लिए भीषण गर्मी मे धरने पर बैठने का मन बना चुके हैं,उन्होंने एक सप्ताह पहले जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि यदि एक सप्ताह के अंदर तमरादेश हरिजन बस्ती प्लाट के पानी की समस्या का समाधान नही हुआ तो कई महीनो से बंद पड़ी तमरा पहाड़ प्लाट की नल जल योजना टंकी मे घुस कर धरने पर बैठेंगें,लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग नही जागा और श्री चोटीवाला को आखिर धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर ही दिया,तमरादेश की हरिजन बस्ती की नल जन योजना कई महीनो से बंद पड़ी हुई है जिसके कारण बस्ती वासी कई किलोमीटर दूर पानी के लिए जाने को मजबूर है सरकार और जिला प्रशासन ने करोना संक्रमण का हवाला देकर जिले मे संपूर्ण लाक डाउन लगा रखा है लोग घर के बाहर न निकले तो क्या घर के अंदर भूखे प्यासे मरें,जिला प्रशासन को बार बार आगाह कराने के बाद भी सारा ध्यान लाक डाउन मे लगा रखा है और यहां लोग प्यास के मारे मर रहे हैं,लाक डाउन मे लोग एक दो मर रहे है लेकिन प्यास के मारे हजारों की पूरी का पूरी बस्ती मरने को मजबूर हो चुकी है इस लिए अब करोना संक्रमण से मरने के बजाय प्यास से मरना लोग ज्यादा पसंद करेंगें,श्री चोटीवाला ने भी बस्ती वालों के साथ प्यास से मरने का निर्णय लिया है जब तक जिला प्रशासन तमरादेश की बंद पड़ी नल जल योजना को चालू नही करता तो कभी भी टंकी मे घुसकर धरने मे बैठेंगें और एक बूंद मुह मे पानी तक नही डालेंगें।

संवाददाता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

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