लॉक डाउन व आर्थिक तंगी से जूझते मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की मदद को आगे आये राज्य सरकार ।

उत्तर प्रदेश
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आरिफ़ उस्मानी आश्चर्य तो यह है कि कोरोना के संक्रमण से पहले ही केंद्र सरकार ने मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को भुखमरी लाचारी से संक्रमित कर दिया था परंतु इसका प्रभाव वर्तमान में मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को वेतन ना देकर देखने को मिल रहा है लगभग भारत सरकार ने 4 वर्ष से आधुनिकीकरण शिक्षकों को वेतन नहीं दिया है।
अभी तक कोई सेवा नियमावली नहीं।
वेतन के नाम पर मिलता है सिर्फ आश्वासन।
नहीं मिला है 48 माह से वेतन।
आज नेशनल मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष आरिफ उस्मानी ने प्रेस वार्ता कर अपना दर्द बयां किया जिसमें उन्होंने बताया की एसपीक्यूईएम यानी स्कीम फॉर प्रोवाइड इन क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसा योजना में कार्यरत प्रदेश के लगभग 25000 आधुनिकीकरण शिक्षकों को पिछले 4 वर्ष से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा केन्द्रांश (मानदेय) का भुगतान नहीं किया गया है जिसके कारण उक्त आधुनिकीकरण शिक्षकों की परिवारिक हालत बद से बदतर हो चुकी है परिवार टूट रहे हैं, बिखर रहे हैं शिक्षक कर्ज के बोझ से दबकर अप्राकृतिक मौत को गले लगाने हेतु बाद हो रहे हैं जो न्याय नहीं है ऐसे में बहुत जरूरी है कि उक्त शिक्षकों को राज्य सरकार अपने संज्ञान में लेकर तत्काल मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों का बकाया वेतन का भुगतान करें और केंद्रांश में वृद्धि भी करें जिससे उस शिक्षक समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मान के साथ जिंदगी गुजर बसर कर सकें।