सचिव जिला विधिक से प्राधिकरण ने जिला कारागार का किया गया निरीक्षण

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 सचिव ने बंदियों से उनकी परेशानियों, विधिक समस्याओं एवं जेल में मिलने वाली सुविधाओं की ली जानकारी

रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा मा0 अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश, रायबरेली अब्दुल शाहिद के दिशा-निर्देशन में जिला कारागार, रायबरेली में निरुद्ध बंदी के देख-रेख, खानपान, रहन-सहन तथा लीगल ऐड क्लीनिक एवं बन्दियों के हितों से संबंधित मामलों के सम्बन्ध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली सुमित कुमार द्वारा निरीक्षण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किया गया।

इस दौरान सचिव ने जेल अधीक्षक अविनाश गौतम कारापाल सत्य प्रकाश तथा उपकारापाल वंदना गौतम एवं कुंवर वीरेन्द्र विक्रम सिंह से जेल के अंदर कैदियों की स्थिति व रखरखाव तथा कोरोना वायरस के बचाव के बाबत जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। सचिव द्वारा जेल में स्थित भोजनालय, अस्पताल एवं विभिन्न बैरकों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जेल अस्पताल में भर्ती बन्दी शैलेन्द्र पुत्र राजबहादुर द्वारा बताया गया कि उसे पेशाब करने में दिक्कत है वह जब भी चलने का प्रयास करता है तो चलते-चलते गिर पड़ता है। इस सम्बन्ध में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल अधीक्षक को उसके इलाज हेतु समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देशित किया गया कि उक्त कैदी को आवश्यकतानुसार अविलम्ब जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए।

सचिव, द्वारा जेल डाक्टर को एक महिला बन्दी के साथ रह रही 1.5 वर्षीय बच्ची के स्वास्थ्य की देख-भाल कराने तथा उन्हें समय से दवा टीका आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल अधीक्षक को यह भी निर्देशित किया गया कि वर्तमान में फैले वायरल, डेंगू, मलेरिया, बुखार से बचाव हेतु जेल में नियमित तौर पर एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव व फागिंग की जाए।

जिला कारागार के अधिकारियों को जेल में साफ-सफाई रखने के विशेष निर्देश दिये गये। सचिव ने बंदियों से बात कर उनकी परेशानियों, विधिक समस्याओं एवं जेल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।

सचिव ने बन्दियों को बताया कि जेल में किसी भी प्रकार की समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल ऐड क्लीनिक के माध्यम से विधिक मदद ले सकते है। जेल के अन्दर कोविड-19 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा जिला कारागार में बन्दियों के शत-प्रतिशत वैक्शीनेशन कराये जाने हेतु जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया।

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