सुखनई नदी को पूर्णतः प्रदूषित करने के बाद सोया हुआ नगर पालिका प्रशासन मऊरानीपुर व नगर पालिका अध्यक्ष जागे

झांसी झांसी मंडल
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चार -पाँच वर्ष पूर्व नगरपालिका मऊरानीपुर प्रशासन द्वारा कराया गया करोडों रुपया ख़र्च करके घाटों का निर्माण कर , नालो की गंदगी व गन्दा पानी नदी में छोड़ कर सुन्दरी करण का कार्य

विवेक आर्य/ वरिष्ठ पत्रकार जिला झाँसी मानवाधिकार मीडिया

मऊरानीपुर/झाँसी झांसी जिला भारत की सबसे बड़ी तहसील मऊरानीपुर की बात है जहां नगर के बीचो बीच सुखनई नदी बहती थी, जो गन्दगी व ड़ेंगू व मलेरिया जैसी महामारियों को बढ़ावा देने वाली प्रदूषित नदी बन गई हैं। गजब बात तो यहाँ देखने को मिलती है। नगर के बीचों – बीच होने के बाद भी नगरपालिका मऊरानीपुर प्रशासन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभियान स्वच्छ भारत – स्वच्छ भारत को चुनौती पर चुनोतियाँ देता रहा । व सुखदायिनी मिनी अयोध्या अर्थात मऊरानीपुर की सरयू नदी अर्थात सुखनई नदी को नगर के समस्त गन्दे नालो का मल, गन्दगी व पानी नदी में ही छोड़ कर सुखनई नदी को बर्बाद कर दिया। जी हाँ नगरपालिका मऊरानीपुर प्रशासन की बडी लापरवाही सामने नजर आती हैं। व भविष्य के देखे हुए काल्पनिक मंसूबे भी । आप को बता दे । कि लगभग दस वर्ष पूर्व नगरपालिका प्रशासन मऊरानीपुर द्वारा सुखनई नदी के निर्मल स्वच्छ पानी का ठहराव व रोकने के लिए यशोदा मंदिर के पास लाखो रुपया सरकारी खजाना खर्च करके जनता के लिए चेकडेम का निर्माण किया था। जिससे पानी का ठहराव हो गया था। परन्तु इसी नगरपालिका मऊरानीपुर प्रशासन ने ही चार से पाँच वर्ष पूर्व सुखनई नदी का सुन्दरीकरण के नाम पर जनता के लिए करोड़ों रूपया खर्च करके घाटों का निर्माण करवाने के साथ उसमे नगर के समस्त गन्दो नालो की गंदगी व पानी को नदी में छोड़ दिया। जिससे सुखदायिनी व धार्मिक आस्था की प्रतीक सुखनई नदी पूर्णतः प्रदूषित हो गई। जिससे सुन्दरीकरण तो नही हुआ अपितु सुखनई नदी विलुप्त जरूर हो गई है।

समाप्त होते हुयी प्राकतिक संपदा सुखनई नदी के लिए अमर उजाला मऊरानीपुर टीम ने अपने दैनिक पेपर में छापा। जिसे नगर के लोगों ने पढ़ा । औऱ विलुप्त हो गई सुखनई नदी के लिए अमर उजाला टीम के साथ कदम बढ़ाया। जिसमे नगर के सम्मानित लोग , समाजसेवी संस्थायें व संभ्रात लोगो ने सुखनई नदी को पुनः सुखदायिनी बनाने व धर्म की नगरी मऊरानीपुर की शान सुखनई नदी को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए आंदोलन छेड़ दिया। इसी क्रम में कांग्रेस , बसपा राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा व नदी में गिरने वाले नालो की गन्दगी को बंद करने व नदी की सफाई करने की मांग की । जिसके उपरान्त मऊरानीपुर जनता के लोकप्रिय बन गये उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव जी ने कहा कि रविवार को वह स्वयं व पालिका के कर्मचारी व नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सुखनई नदी में सफाई करेंगे।
मऊरानीपुर नगर के पत्रकारों में भी पूर्णतः प्रदूषित हुई सुखनई नदी के लिये जिम्मेदार नगरपालिका प्रशासन मऊरानीपुर के लिए रोष व्याप्त हैं। इसलिए श्रमजीवी पत्रकार संघ मऊरानीपुर ने भी राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा।

ज्ञापन में मऊरानीपुर नगर को प्राचीन काल से ही क्षेत्रवासियों की जीवन रेखा बताया गया है ज्ञापन में बताया गया है कि गंदगी अतिक्रमण भीषण प्रदूषण की शिकार सुखनई नदी शासन प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है ज्ञापन में शासन से सूखनई नदी को प्रदूषण व अतिक्रमण से मुक्त कराकर नदी में स्वच्छ जल प्रवाहित करने, नदी में गिरने वाले नालों को सीवर लाइन से जुड़वाने की मांग की गई। इस मौके पर श्रम जीवी पत्रकार संघ के नगर अध्यक्ष सौरव भार्गव ,वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुप्ता, मुकेश सिंह, भूपेंद्र सिंह झाँकरी, जीत नायक, रेशु महाराज, सुमित नायक, कुलदीप रावत ,विजय शर्मा ,राजेंद्र सिंह ,दिलीप कुमार रवि परिहार, अभिषेक पाठक, राजकुमार ,महेंद्र सिंह, विक्की अली राजीव दीक्षित आदि मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुप्ता जी कहा कि नगर में चुनावी दौर को लेकर होर्डिंग्स की होड़ लगी हुई। जिससे अतिक्रमण व पैसों को दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने समस्त समाजसेवीयो से आग्रह किया कि इस तरह से पैसों का दुरुप्रयोग न करके नगर की सुखदायिनी सुखनई नदी के लिए बढ़-चढ़ कर आगे आये व धार्मिक आस्था की प्रतीक सुखनई नदी को स्वच्छ-निर्मल बनाये। राजनैतिक दलों में कांग्रेस से जिला सचिव मीना आर्य के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को देकर सुखनई नदी में गिर रहे नालों को टैप करवाने ,जलकुंभी हटाने ,कीचड़ को निकालने,व नदी व के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण कराने व अतिक्रमण व अवैध कब्जे हटवाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व नगर अध्यक्ष जलालउद्दीन ,मनोज चतुर्वेदी, हनीफ मलिक, लालाराम अहिरवार, मोहम्मद इस्माइल रहे।

बसपा के पूर्व जिलाअध्यक्ष आर0के0अहिरवार के नेतृत्व में सामाजिक व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को ज्ञापन भी भेंट कर सुखनई नदी की सफाई करवाने व नदी में स्वच्छ जल प्रभावित करवाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि सुखनई नदी में कभी स्वच्छ एवं निर्मल जल प्रवाहित होता था। नदी में धार्मिक उत्सव व कार्यक्रम व अनुष्ठान होते थे। एतिहासिक मेला जलविहार महोत्सव में सुखनई नदी के पवित्र जल से देवी- देवताओं का बिहार होता था ! लेकिन अब नदी गंदे नाले में तब्दील हो गई! इस मौके पर बृज बिहारी राज, रमेश चंद्र वर्मा संतोष कुमार, कमलेश सोनकर हसन मंसूरी, गणपत ,विजय कंचन, हरिश्चंद्र सोनी मौजूद रहे।