Latest News
Глобальная статистика азартных игр по всему миру и факты в 2026 годуTestTestशादियाबाद: बहन को खिचड़ी ले जा रहे दो दोस्तो की सड़क एक्सीडेंट में मौत मचा कोहरामगाजीपुर।Sir जिले में कटे 4 लाख 8 हजार 689 मतदाताओं का नाम-डी एमगाजीपुर: SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक कर सकते है दावें और आपत्ति- डीएम  खानपुर। महाशिवरात्रि पर बिछुड़ननाथ महादेव धाम में होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का महारुद्र जलाभिषेक, कई जिलों से जुटेंगे श्रद्धालुदुल्लहपुर। टॉफी दिलाने के बहाने 5 साल की बेटी को 3 दिनों तक दुष्कर्म करने वाला दुष्कर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तारखानपुर। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गोरखा जाकर स्व. देवव्रत चौबे को दी श्रद्धांजलि, पुरानी यादों को किया ताजासैदपुर। प्रधानपति संग दुर्व्यवहार व धमकी मामले में कोतवाली पहुंचे सैदपुर व सादात के दर्जनों ग्राम प्रधान,मुकदमा दर्ज कराने की मांगगाजीपुर के गहमर थानाध्यक्ष और सैदपुर कोतवाल निलंबित तेहरे हत्याकांड के बाद दो सिपाही भी निलंबित, गहमर कोतवाल लाइन हाजिरगाजीपुर गहमर: पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, तीन युवकों की मौत का आरोप, एक का शव बरामदमाँ शिक्षा समिति(NGO)एक सामाजिक संस्था व माँ इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए फ्री रजिस्ट्रेशन शुल्क में 10% छूटयूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने स्वर्ण पदक विजेता छात्र को किया सम्मानित,विद्यालय में लगाया वॉटर कूलर एवं वाटर फिल्टरसादात : मंडल स्तर पर माहपुर के बच्चों ने रोशन किया नाम, वाराणसी विजेता व गाजीपुर उपविजेता, मानव पिरामिड देख लोग स्तब्ध

विकास खंड दुर्गुकोंदल सहित पूरे अंचल में तीजा पर्व की धूम

Published on: 18-09-2023

माताओं बहनों ने निर्जला व्रत रखकर की भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना

दुर्गुकोंदल। दुर्गुकोंदल अंचल की सुहागिन व कुँवारी महिलाएं पूर्ण हर्षोल्लास के साथ बड़ी धूमधाम से तीज पर्व सोमवार को मनाया। सोमवार को विवाहित व सुहागिने महिलाओं का आना जाना लगा रहा। विदित हो कि हरतालिका व्रत को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन होता है। इस दिन कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियाँ शंकर की पूजा करती हैं। विशेषकर छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बिहार में मनाया जाने वाला यह त्योहार करवाचौथ से भी कठिन माना जाता है क्योंकि जहां करवाचौथ में चन्द्र देखने के उपरांत व्रत सम्पन्न कर दिया जाता है, वहीं इस व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत किया जाता है और अगले दिन पूजन के पश्चात ही व्रत सम्पन्न जाता है। सौभाग्यवती स्त्रियां अपने सुहाग को अखण्ड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मन अनुसार वर पाने के लिए हरितालिका तीज का व्रत करती हैं। सर्वप्रथम इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव शङ्कर के लिए रखा था। इस दिन विशेष रूप से गौरी−शंकर का ही पूजन किया जाता है। इस दिन व्रत करने वाली स्त्रियां सूर्योदय से पूर्व ही उठ जाती हैं और नहा धोकर पूरा श्रृंगार करती हैं। पूजन के लिए केले के पत्तों से मंडप बनाकर गौरी−शंकर की प्रतिमा स्थापित की जाती है। पूरी रात भजन, कीर्तन करते हुए जागरण कर तीन आरती की जाती है।इस व्रत से जुड़ी एक मान्यता यह है कि इस व्रत को करने वाली स्त्रियां पार्वती जी के समान ही सुखपूर्वक पतिरमण करके शिवलोक को जाती हैं।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel