– नूरी जमा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस ट्रांसपोर्ट नगर की मस्जिद में हुआ संपन्न, शिया-सुन्नी एकता और भाईचारे का दिया संदेश
सरोजनी नगर, लखनऊ। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सरोजनी नगर क्षेत्र में जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन किया गया। आजाद नगर स्थित नूरी जमा मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मस्जिद पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शामिल होकर धार्मिक आस्था के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान आजाद नगर नूरी जमा मस्जिद के इमाम मौलाना नईम कादरी की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जुलूस में उनके पहुंचते ही लोगों ने फूलों की बारिश कर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सामाजिक सौहार्द और आपसी एकता का संदेश दिया।
मौलाना नईम कादरी ने इस अवसर पर शिया-सुन्नी एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए कहा कि समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से धार्मिक आस्था के साथ-साथ एक-दूसरे के सम्मान और सामाजिक भाईचारे को कायम रखने की अपील की।
जुलूस में शामिल मौलानाओं और जिम्मेदार लोगों ने अकीदतमंदों से पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जुलूस पुलिस की गाइडलाइन और प्रशासन के सहयोग से निकाला जा रहा है। सभी लोग व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस को संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस दौरान मौलाना नईम कादरी ने सबील पर नजर दी और मौजूद लोगों के बीच तबर्रुक तकसीम किया। जगह-जगह अकीदतमंदों के लिए सबील और लंगर की व्यवस्था भी की गई। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से लोगों ने खिदमत और भाईचारे का संदेश दिया।
जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ा और पूरे रास्ते पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने जुलूस में हिस्सा लिया।
जुलूस में अंजुमनों की शिरकत और जगह-जगह की गई सबील व लंगर की व्यवस्था से माहौल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा और सामाजिक सौहार्द से सराबोर रहा। जुलूस के दौरान दिखाई दिया आपसी मेल-मिलाप लखनऊ की सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल के रूप में सामने आया।
इस अवसर पर आजाद नगर नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना नईम कादरी, सदर हाजी रमजान अली, आरिफ अली, हाफिज कलामुद्दीन, मांतीन, हाजी शफीक, रब्बानी, नफीस अली, अनीस अली और डॉ. शकील सहित मोहल्ले के तमाम नौजवान एवं मोहम्मद साहब के चाहने वाले मौजूद रहे।
जुलूस के समापन के दौरान आयोजकों और जिम्मेदार लोगों ने सभी अकीदतमंदों का सहयोग के लिए आभार जताया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ शांति, भाईचारे, एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।
रिपोर्ट@शकील अहमद