Latest News
What Makes Modern Online Casinos So PopularWhat Makes Modern Online Casinos So PopularWhat Makes Modern Online Casinos So PopularWhat Makes Modern Online Casinos So Popularशादियाबाद: बहन को खिचड़ी ले जा रहे दो दोस्तो की सड़क एक्सीडेंट में मौत मचा कोहराम0xb6f7e6610xcacc82200x7de45f600xed0da3460x05ef009fगरीब व दुखियों की मशीहा शायरबानो ने की ग्राम सभा कूरा में कंबल वितरणगाजीपुर।Sir जिले में कटे 4 लाख 8 हजार 689 मतदाताओं का नाम-डी एमगाजीपुर: SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक कर सकते है दावें और आपत्ति- डीएम  खानपुर। महाशिवरात्रि पर बिछुड़ननाथ महादेव धाम में होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का महारुद्र जलाभिषेक, कई जिलों से जुटेंगे श्रद्धालुदुल्लहपुर। टॉफी दिलाने के बहाने 5 साल की बेटी को 3 दिनों तक दुष्कर्म करने वाला दुष्कर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आज है विश्व तंबाकू निषेध

Follow

Published on: 31-05-2024

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई

यह तो सर्वविदित ही है कि नशा सामाजिक एवं आध्यात्मिक, दोनों ही दृष्टियों से निषिद्ध वस्तुओं में है।
नशा करने से मात्र वही व्यक्ति प्रभावित नहीं होता जिसने नशा किया, वरन अपनी शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक हानि करने के अतिरिक्त वह घर की सुख-शांति, बच्चों के संस्कार और पीढ़ियों का सम्मान गँवा बैठता है। साथ ही एक जिम्मेदार नागरिक से देश भी वंचित रह जाता है। इसलिए इस समस्या का समय रहते निराकरण करना मात्र धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से मूल्य का नहीं , बल्कि राष्ट्रीय विकास की दृष्टि से भी अतिशय महत्त्व का विषय हो जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक तंबाकू के कारण होने वाली समस्याएं इतनी गंभीर हैं कि भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद का 1 फीसदी हिस्सा सिर्फ इन बीमारियों के इलाज में खर्च देता है। कैंसर, फेफड़े की बीमारी, हृदय रोग और स्ट्रोक से लेकर तम्बाकू का उपयोग शरीर को कई प्रकार से प्रभावित कर रहा है।तंबाकू जनित रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को वर्ल्ड नो टोबैको डे मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य तंबाकू सेवन के व्यापक प्रसार और नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करना है, जो वर्तमान में दुनिया भर में हर साल 70 लाख से अधिक मौतों का कारण बनता है, जिनमें से 890,000 गैर-धूम्रपान करने वालों का परिणाम दूसरे नंबर पर हैं। जानते हैं कि तंबाकू उत्पाद किस प्रकार से हानिकारक हैं और इससे सेहत को क्या नुकसान हो सकता है?

तंबाकू चबाने के कारण मुंह के अंदर सफेद या भूरे रंग के धब्बे (ल्यूकोप्लाकिया) पैदा होने लगते हैं जिससे कैंसर का खतरा रहता है। इसके अलावा तंबाकू से मसूड़ों की बीमारी, दांतों की सड़न और ओरल हेल्थ से संबंधित कई गंभीर बीमारियों का जोखिम हो सकता है।वहीं धूम्रपान के रूप में इसका सेवन फेफड़ों से लेकर हृदय-डायबिटीज की जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। भारत के ग्रामीण हिस्सों में इस प्रकार के कैंसर के मामले अधिक रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।तम्बाकू के धुएं और चबाने वाले तम्बाकू में निहित कुछ रसायन कार्सिनोजेनिक होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे मुंह के गुहा की कोशिकाओं में आनुवंशिक परिवर्तन कर सकते हैं, जिससे मुंह का कैंसर हो सकता है।

तंबाकू उत्पादों से करें परहेज –

तंबाकू उत्पादन छोड़ने पर क्या होता है असरअध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने बताया कि तंबाकू उत्पाद छोड़ने के एक वर्ष के भीतर, कोरोनरी हार्ट डिजीज का जोखिम आधा हो जाता है। इसके अलावा ऐसे लोगों में एक साल के भीतर ही दिल का दौरा होने के जोखिमों में कमी देखी गई। तंबाकू छोड़ने के 5 साल के भीतर आपके मुंह, गले, अन्नप्रणाली और मूत्राशय के कैंसर का खतरा आधा हो जाता है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का जोखिम धूम्रपान करने वालों में अधिक होता है, तंबाकू-सिगरेट छोड़कर इससे बचा जा सकता है। तंबाकू छोड़ने का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर होता है जो आपको कई रोगों के जोखिमों से बचाने में मदद करती है। 

राष्ट्रीय तम्बाकू छोड़ो लाइन सेवाएँ (एनटीक्यूएलएस) –
तंबाकू छोड़ने के लिए 1800 112 356 (टोल फ्री) पर कॉल करें या 011-22901701 पर मिस्ड कॉल दें।
सरकार ने वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट (वीपीसीआई), नई दिल्ली में एक टोल फ्री नंबर (1800-112-356) के साथ एक राष्ट्रीय स्तर की तंबाकू समाप्ति क्विटलाइन स्थापित की है और 2018 से सेवाओं को क्षेत्रीय उपग्रह केंद्रों तक विस्तारित किया गया है और परामर्श अब उपलब्ध है।

Question & Answers

  • तम्बाकू के धुएं में कौन से हानिकारक रसायन होते हैं?

तम्बाकू के धुएँ में कई रसायन होते हैं जो धूम्रपान करने वालों और धूम्रपान न करने वालों दोनों के लिए हानिकारक होते हैं।
तम्बाकू के धुएं में मौजूद 7,000 से अधिक रसायनों में से कम से कम 250 हानिकारक माने जाते हैं, जिनमें हाइड्रोजन साइनाइड , कार्बन मोनोऑक्साइड और अमोनिया शामिल हैं

*धूम्रपान न करने वालों के लिए तम्बाकू के धुएं से क्या खतरे हैं?

सेकेंडहैंड धुआं (जिसे पर्यावरणीय तंबाकू धुआं, अनैच्छिक धूम्रपान और निष्क्रिय धूम्रपान भी कहा जाता है) “साइडस्ट्रीम” धुआं (जलते हुए तंबाकू उत्पाद द्वारा छोड़ा गया धुआं) और “मुख्यधारा” धुआं (धूम्रपान करने वाले द्वारा छोड़ा गया धुआं) का संयोजन है अमेरिकी सर्जन जनरल का अनुमान है कि धूम्रपान करने वाले के साथ रहने से धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति में फेफड़ों के कैंसर के विकास की संभावना 20 से 30% बढ़ जाती है । सेकेंड हैंड धुएं के कारण धूम्रपान न करने वाले वयस्कों और बच्चों में बीमारी और समय से पहले मौत होती है । सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने से वायुमार्ग में जलन होती है और व्यक्ति के हृदय और रक्त वाहिकाओं पर तत्काल हानिकारक प्रभाव पड़ता है। यह हृदय रोग के खतरे को अनुमानित 25 से 30% तक बढ़ा देता है सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने वाली गर्भवती महिलाओं में जन्म के समय वजन में थोड़ी कमी वाले बच्चे को जन्म देने का जोखिम बढ़ जाता है ।सेकेंड हैंड स्मोक के संपर्क में आने वाले बच्चों में SIDS, कान के संक्रमण, सर्दी, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel