Latest News
सालों बाद उखड़ी सड़क पर इंटरलांकिंग व नाली निर्माण कार्य होने पर जनता ने ली चैन की सांस0xe3790bd90x7913ad640x71c83e0bगाजीपुर के गहमर थानाध्यक्ष और सैदपुर कोतवाल निलंबित तेहरे हत्याकांड के बाद दो सिपाही भी निलंबित, गहमर कोतवाल लाइन हाजिरगाजीपुर गहमर: पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, तीन युवकों की मौत का आरोप, एक का शव बरामदमाँ शिक्षा समिति(NGO)एक सामाजिक संस्था व माँ इंस्टीट्यूट ऑफ कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए फ्री रजिस्ट्रेशन शुल्क में 10% छूटयूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने स्वर्ण पदक विजेता छात्र को किया सम्मानित,विद्यालय में लगाया वॉटर कूलर एवं वाटर फिल्टरसादात : मंडल स्तर पर माहपुर के बच्चों ने रोशन किया नाम, वाराणसी विजेता व गाजीपुर उपविजेता, मानव पिरामिड देख लोग स्तब्धजमानियां : पुलिस व एएनटीएफ टीम को बड़ी सफलता, 85 लाख रूपए कीमत की हेरोईन संग शातिर तस्कर गिरफ्तारखानपुर : साई की तकिया के उमा पब्लिक स्कूल में तीन दिवसीय एनुअल स्पोर्ट मीट का सीओ ने किया शुभारंभपत्रकार प्रेस परिषद गाजीपुर ,बैठक का आयोजन 28 दिसम्बर 2025को किया गयारायबरेली में चौहान गुट का 6 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 750 से अधिक मरीजों को मिला लाभलोधवारी गांव में मिशन शक्ति कार्यक्रम सफल, कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की पहल सराही गई

अहंकार की अग्नि बिना ईधन के जलती है-

Published on: 09-09-2024

हटा से पुष्पेन्द्र रैकवार कि रिपोर्ट

आर्यिका रत्न मृदुमति माता जीपर्व के दूसरे दिन झूमे इद्र इन्द्राणी हटा दमोह धर्म का दूसरा लक्षण है-

उत्तम मार्दव । मार्दव का अर्थ मृदुता और उत्तम का अर्थ श्रेष्ठ अर्थात जहां श्रेष्ठ है मृदुता वही मार्दव है।

मार्दव धर्म का विरोधी अहंकार, अहंकार करना व्यर्थ है। अज्ञानी व्यक्ति पर पदार्थो को अपना मानता है और उसमें अहंकार करता है,

  • पर घमंड के परिणाम में फल क्या होता है ? मुंह के सामने भले ही न कहे, परन्तु परोक्ष में तो कहते ही है कि वह बड़ा घमंडी है।
  • बड़ा अज्ञानी है। यह बात आज नगर में चातुर्मास कर रही आर्यिका रत्न मृदुमति माता जी ने अपने मंगल प्रवचन में श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में कही, आर्यिका श्री ने कहा कि अहंकार उस अग्नि के समान है
  • बिना ईधन के प्रज्जवलित होती है। यह आत्मा के गुणों को जलाकर भस्म कर देती है,
  • विनय से जीवन पवित्र व उन्नशील बनाता है। जबकि अहंकार से सदा पतन ही होता है।
  • बडी बडी सम्पदाओं के धनी, बडे राजपाठ के अधिकारी राज-महाराजा भी बडी दुर्दषा के षिकार होते है।
  • गर्व करने लायक तो यहां कोई बात ही नहीं है। लौकिक स्थिति की बात, जो आज बडा धनिक है वह कल तुच्छ बन सकता है और जो आज तुच्छ है
  • वह कल बड़ा बन सकता है, मानव को अपने स्वाभाव में सदैव मृदुता रखनी चाहिए। पर्वराज पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन नगर के चारों जिनालय में मार्दव धर्म विधान हुआ।
  • प्रातः अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन हुआ। संगीतमय पूजन में इन्द्र इन्द्राणियों के द्वारा झूम झूम कर पूजन किया गया।
  • सांगानेर से आई रिया, भूमि, मिति दीदी के द्वारा भी पूजन, अभिषेक कराया गया।

  • घमंड के परिणाम में फल क्या होता है ? मुंह के सामने भले ही न कहे, परन्तु परोक्ष में तो कहते ही है कि वह बड़ा घमंडी है।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel