बाकू। मुस्लिम बहुल लेकिन धर्मनिरपेक्ष देश अजरबैजान में स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध के फैसले के बाद विवाद गहरा गया है। सरकार के इस कदम पर देश के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं तुर्किये ने भी इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसके परिणामों को लेकर चेतावनी दी है। समर्थकों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में एक समान नियम लागू होना चाहिए, जबकि विरोध करने वालों का मानना है कि यह फैसला धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा सवाल खड़ा करता है। अजरबैजान का संविधान धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था की बात करता है, इसलिए सरकार अपने कदम को उसी सिद्धांत से जोड़कर देख रही है। दूसरी ओर कई परिवारों और संगठनों ने मांग की है कि छात्राओं की आस्था और शिक्षा, दोनों का सम्मान करते हुए बीच का रास्ता निकाला जाए। विशेषज्ञों के अनुसार यह विवाद केवल एक देश तक सीमित नहीं रहेगा, क्योंकि तुर्किये के साथ अजरबैजान के संबंध बेहद करीबी माने जाते हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत होने की संभावना है। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।