लखनऊ विश्वविद्यालय अपने छात्रों के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू कर रहा है। विश्वविद्यालय के करीब 21 हजार 268 ई-मेल धारक छात्रों को डिजीलॉकर से जुड़े स्मार्ट पहचान पत्र दिए जा रहे हैं। इन पहचान पत्रों पर क्यूआर कोड होगा, जिसकी मदद से छात्र की जानकारी तुरंत सत्यापित की जा सकेगी।विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यह कदम छात्रों की सुविधा और सुरक्षा, दोनों के लिए अहम है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही छात्र का नाम, पाठ्यक्रम और अन्य जरूरी विवरण सामने आ जाएंगे, जिससे फर्जी पहचान पत्रों पर रोक लगेगी। प्रवेश, परीक्षा और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं में भी यह पहचान पत्र काम आएगा।डिजीलॉकर भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है, जिसमें नागरिक अपने जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। विश्वविद्यालय का यह कदम उच्च शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक और प्रयास माना जा रहा है।छात्रों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि डिजिटल पहचान पत्र से कागजी झंझट कम होगा और जरूरत पड़ने पर पहचान साबित करना आसान हो जाएगा।