प्रमुख समाचार
खबर #1 स्टूडेंट लीडर नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया ✦
खबर #2 नेहा बोरा, दीपके हिरासत में, सीजेपी-बीजेपी समर्थकों में नारेबाज़ी: 'लहरा दो तिरंगा' मार्च में क्या-क्या हुआ? ✦
खबर #3 अभिजीत दिपके को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया, नेहा बोरा भी डिटेन, दिल्ली पुलिस ने की कार्रवाई ✦
खबर #4 ड्रोन से लेकर मिसाइलों तक, आख़िर हूती विद्रोहियों के पास कहां से आ रहे हैं इतने ख़तरनाक हथियार? ✦
खबर #5 बांग्लादेश के बाद उमर खालिद, नेहा बोरा ने अब क्या कह दिया? वीडियो दिखा भड़की BJP ✦
खबर #6 प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- ये भारत का... ✦
खबर #7 अंकिता भंडारी केस: देहरादून में सड़कों पर उतरी कांग्रेस, दिल्ली में CBI से मिले माता-पिता ✦
खबर #8 CJP Protest Updates: तिरंगा यात्रा से पहले अभिजीत-नेहा पुलिस हिरासत में ✦
खबर #9 पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ी, फेफड़े में इंफेक्शन के चलते अपोलो में भर्ती ✦
खबर #10 'मोदी का विरोध अलग, लेकिन बाहरी गोरा तय नहीं करेगा भारत के फैसले', एलन मस्क पर भड़के ओवैसी, बीजेपी को भी घेरा ✦
खबर #11 'पिकैक्स माउंटेन को तबाह करेंगे', डोनाल्ड ट्रंप की ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले की धमकी, बढ़ेगा तनाव! ✦
खबर #12 सऊदी अरब में बांग्लादेशी कपल को दी गई मौत की सज़ा, 'अश्लील हरकत' का आरोप ✦
📍 स्थान खोजा जा रहा है...
|
📅 लोड हो रहा है... • --:--:-- IST (+5:30)

सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीसीटीवी फुटेज मांगी

दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शन स्थल की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अदालत ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। इस मामले में कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे, जिसके बाद पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठे थे।गौरतलब है कि सीजेपी ने सार्वजनिक मुद्दों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था और 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस से तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के नेताओं और कुछ लोगों के बीच बहस व नारेबाजी भी हुई थी। संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रशासन को इसकी अनुमति देनी चाहिए।अदालत की टिप्पणियों के बाद अब केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखना होगा। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार कानून के दायरे में होना चाहिए और फुटेज सुरक्षित रखना पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम है। मामले की अगली सुनवाई में तस्वीर और साफ होगी।

शेयर करें:WhatsAppFacebookXTelegram