नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया, जिसमें देवी को सभी प्राणियों में विद्यमान दिव्य शक्ति का स्वरूप बताया गया है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना का विशेष महत्व होता है। मां स्कंदमाता को ममता और करुणा का प्रतीक माना जाता है और उनकी गोद में भगवान कार्तिकेय विराजमान होते हैं। देशभर के मंदिरों और घरों में इन दिनों भक्त व्रत, पूजा और गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में श्रद्धा से शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए शक्ति, संयम और सकारात्मकता का संदेश दिया। त्योहार के दौरान बाजारों और धार्मिक स्थलों पर विशेष रौनक देखी जा रही है। धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि नवरात्रि आत्मशुद्धि और नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है, जो समाज को सकारात्मक ऊर्जा देता है। प्रशासन ने भी भीड़भाड़ वाले मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं।