सूरत। दिवाली के त्योहार से पहले गुजरात के औद्योगिक शहर सूरत से लाखों प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर लौटने लगे हैं। कपड़ा और हीरा उद्योग के लिए मशहूर सूरत में देश भर से आए श्रमिक काम करते हैं और हर साल त्योहारों के मौसम में बड़े पैमाने पर पलायन देखने को मिलता है। इस बार रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।मजदूरों का कहना है कि दिवाली परिवार के साथ मनाना उनकी प्राथमिकता है और कई लोग छठ पूजा तक गांव में ही रहेंगे। कामकाज ठप होने और बोनस को लेकर अनिश्चितता भी लौटने की वजहों में गिनी जा रही है। हजारों मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों से यहां रोजगार के लिए आते हैं।प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं और विशेष ट्रेनों की मांग भी उठी है। उद्योग जगत का मानना है कि त्योहार के बाद मजदूरों की वापसी से काम फिर रफ्तार पकड़ेगा। श्रमिकों की यह वार्षिक यात्रा देश की अर्थव्यवस्था में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका को भी रेखांकित करती है, जिनके बिना औद्योगिक उत्पादन की कल्पना कठिन है।