नई दिल्ली। देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एजेंटों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर उपयोगकर्ताओं और संस्थानों को सतर्क किया है। एजेंसी ने कहा है कि ऐसे डिजिटल सहायक कई काम अपने आप कर सकते हैं, इसलिए इन्हें दी जाने वाली अनुमतियों और साझा की जाने वाली जानकारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सलाह में संवेदनशील निजी या संस्थागत जानकारी बिना जांचे साझा न करने, खातों की सुरक्षा मजबूत रखने और संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई उपकरण सुविधा बढ़ाते हैं, लेकिन लापरवाही से डेटा लीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बढ़ सकता है। उपयोगकर्ताओं को विश्वसनीय स्रोतों से ही उपकरण लेने, मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा अपनाने तथा सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अद्यतन रखने की सलाह दी गई है। संस्थानों से भी अपने कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जागरूक करने को कहा गया है।