भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे के शोधकर्ताओं ने क्वांटम डायमंड माइक्रोचिप इमेजर नाम की उन्नत तकनीक विकसित की है, जो सेमीकंडक्टर चिप्स की जांच को और सटीक बनाएगी। पीआईबी के अनुसार यह उपकरण हीरे में मौजूद नाइट्रोजन-वैकेंसी केंद्रों का उपयोग करके सूक्ष्म स्तर पर चुंबकीय क्षेत्रों का नक्शा बनाता है, जिससे चिप को नुकसान पहुंचाए बिना उसकी खामियों का पता लगाया जा सकता है। भारत घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण को तेजी से बढ़ा रहा है, ऐसे में सटीक दोष-विश्लेषण उपकरण रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता के लिए बेहद अहम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी क्वांटम सेंसर तकनीक से उच्चस्तरीय विनिर्माण तंत्र को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। यह उपलब्धि भारतीय शोध संस्थानों की गहरी तकनीक क्षमता को दर्शाती है।
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