सोनभद्र,

विस्थापित युवा कल्याण समिति ने रोजगार को लेकर राज्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

एस.ए.यादव कंपनी द्वारा विस्थापित युवा कल्याण समिति को रोजगार के नाम पर दिया गया झूठा आश्वासन

दो बार आमरण अनशन के बाद भी नहीं उठाए गए कोई ठोस कदम व कई महीनो से रोजगार के नाम पर दिए गए झासा

शक्तिनगर(सोनभद्र)। एनसीएल खड़िया परियोजना में कार्यरत निविदा कम्पनी एस ए यादव द्वारा विस्थापित प्रभावितों को रोजगार के बदले लगातार कई महीनो से कम्पनी व एनसीएल खड़िया परियोजना के आला अधिकारियों को ज्ञापन देने के उपरांत भी अभी तक धोखा दिया जा रहा है, बार बार लाख प्रयाशो के बाद भी एनसीएल खड़िया परियोजना व कार्यरत निविदा कम्पनी एस ए यादव द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम गांव वालो के हित में नही उठाया गया है। जबकि विस्थापित युवा कल्याण समिति के द्वारा कई बार आंदोलन व आमरण अनशन भी किया जा चुका है, परंतु अभी तक लगातार अनदेखा व सौतेला व्यवहार कंपनी द्वारा किया जा रहा है सर्वप्रथम विस्थापित युवा कल्याण समिति के द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2023 को शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया गया था। कंपनी से नजरंदाज होने व कंपनी के अधिकारियों से अनदेखा होने के उपरांत दिनांक 28 जनवरी 2023 से आमरण अनशन पर 4 विस्थापित भाई बैठने को बाध्य हुए, तीन दिन बीत जाने के बाद व स्वास्थ बिगड़ने की वजह से अधिकारियो व जिला प्रशासन के द्वारा हमारी मांगों को पूरा आश्वासन दिया गया की जैसे ही नई नियुक्तियां शुरू होंगी तो योग्यता के आधार पर शोषित वंचित, गरीब परिवार वालों को कंपनी द्वारा रोजगार देने का काम किया जाएगा, परंतु कोई नियुक्तियां नही हुई और विस्थापित प्रभावित भाई रोजगार से वंचित रहे, और कंपनी के द्वारा कोई ठोस कदम नही उठाया गया।

ऐसे ही कई दिन बीत जाने के पश्चात विस्थापित युवा कल्याण समिति के द्वारा पुनः शांतिपूर्वक आंदोलन सुनिश्चित हुए और दिनांक 25 फरवरी 2023 को शांतिपूर्वक धरना पर बैठा गया, पूरा दिन बीत जाने के बाद सीओ साहब पिपरी आए और हमें आश्वाशन दिये व उन्होंने भरोसा दिलाया कि विस्थापित प्रभावित भाईयो को रोजगार दिलाने में हमारी मदद करेंगे उनके कथनानुसार व उनकी बातो को मानकर धरना प्रदर्शन स्थगित किया गया, परंतु कई दिन बीत जाने के बाद भी एक बार पुनः निराशा हाथ लगी और विस्थापित प्रभावित सभी भाई धोखे का शिकार होते रहे।कई दिनों बीत गए परंतु एक भी विस्थापित प्रभावित भाई को रोजगार नही मिला, बार बार अधिकारियों व जिला प्रशासन के द्वारा आश्वाशन मिलने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई व रोजगार के बदले धोखे से बाध्य होकर पुनः दिनांक 28 मार्च 2023 को शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन किया गया परंतु लगातार हमे नजर अंदाज किया गया मजबूरन 21 मार्च 2023 से विस्थापित युवा कल्याण समिति के तत्वाधान में पुनः आमरण अनशन पर बैठा गया स्थिति गंभीर होने के बाद भी लगातार हम नजर अंदाज का शिकार होते रहे, 29 मार्च 2023 को हालात ज्यादा गंभीर होने के पश्चात डीएम प्रतिनिधि, तहसीलदार, एसओपी (आलोक कुमार टोप्पो) शक्तिनगर थाना अध्यक्ष की अध्यक्षता में व एसडीएम प्रतिनिधि तहसीलदार की पूर्ण जिम्मेदारी पर व रोजगार दिलाने के आश्वाशन पर, आमरण अनशन तोड़ा गया इतना दिन बीत जाने के बाद भी विस्थापित प्रभावित भाईयो को रोजगार नही मिला, हर बार झूठा आश्वासन मिलता रहा है, विस्थापित प्रभावितो की स्थिति अभी तक दैनीय बनी हुई है।

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