नई दिल्ली। सीआईआई बिग पिक्चर समिट 2026 में सूचना और प्रसारण सचिव ने कहा कि भारत को अब केवल वैश्विक कंटेंट का बाजार नहीं रहना चाहिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मीडिया और मनोरंजन कंपनियों का निर्माता बनना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय कहानियों, प्रतिभाओं और तकनीक में वह क्षमता है, जिससे घरेलू कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं। सम्मेलन में मीडिया और मनोरंजन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने ओटीटी, फिल्म, टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट के बढ़ते बाजार पर चर्चा की। भारत में दर्शकों की संख्या और डिजिटल पहुंच तेजी से बढ़ी है, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि भारतीय कंपनियां वैश्विक गुणवत्ता का कंटेंट बनाकर निर्यात भी करें। इससे रोजगार, निवेश और रचनात्मक उद्योग को मजबूती मिलेगी। वक्ताओं ने कंटेंट निर्माण में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नए बिजनेस मॉडल की भूमिका पर भी विचार रखे। उद्योग जगत का मानना है कि सरकारी नीतियों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से भारत मनोरंजन क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकता है। सम्मेलन में युवा रचनाकारों को मिल रहे नए अवसरों पर भी चर्चा हुई।