ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में वामपंथी नेता लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने जीत हासिल कर ली है। उन्होंने दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को हराया। अंतिम आंकड़ों के अनुसार लूला को 51.79 प्रतिशत वोट मिले, जो लगभग 6.43 करोड़ वोटों के बराबर है, जबकि फ्लावियो को 48.21 प्रतिशत यानी लगभग 5.98 करोड़ वोट मिले।
80 वर्षीय लूला का यह चौथा कार्यकाल होगा, हालांकि लगातार नहीं। इससे पहले वे तीन बार राष्ट्रपति रह चुके हैं। फ्लावियो पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो के बेटे हैं, इसलिए इस चुनाव को ब्राजील की दो अलग राजनीतिक धाराओं के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा था। मतदान में दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, जिससे साफ है कि देश की जनता बंटी हुई है।
लूला की जीत के बाद अब उनकी सरकार के सामने गरीबी, रोजगार, पर्यावरण और आर्थिक असमानता जैसे पुराने मुद्दे होंगे। ब्राजील दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और अमेजन वर्षावनों के कारण वैश्विक पर्यावरण चर्चा में भी उसकी अहम भूमिका है। नए कार्यकाल में लूला की नीतियों पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।



