ब्रिटेन सरकार ने उत्तरी सागर में जैकडॉ गैस क्षेत्र के खनन को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद जलवायु कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच बहस तेज हो गई है। पर्यावरण समूहों का कहना है कि नए तेल-गैस क्षेत्र जलवायु लक्ष्यों को कमजोर करेंगे और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव की रफ्तार घटाएंगे। दूसरी ओर सरकार ऊर्जा सुरक्षा और आयात निर्भरता घटाने की दलील दे रही है। संबंधित मंत्री ने कहा है कि एक अन्य प्रस्तावित रोज़बैंक तेल क्षेत्र पर निर्णय अलग से लिया जाएगा और वह उसे खारिज करने की ओर झुकाव रखते हैं। इस एक फैसले ने सत्तारूढ़ खेमे के भीतर भी मतभेद उजागर किए हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन जैसे देशों के सामने ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन की चुनौती लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद और अदालतों में भी गरमाने की संभावना है।
ब्रिटेन सरकार ने जैकडॉ गैस क्षेत्र मंजूरी दी

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