केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 22 से 27 अक्टूबर तक जर्मनी और नीदरलैंड की यात्रा पर रहेंगे, जहां वे व्यापार और निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देने के प्रयास में है। जर्मनी भारत के सबसे बड़े यूरोपीय व्यापारिक साझेदारों में से है और मशीनरी, ऑटो कलपुर्जे, हरित प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। यात्रा के दौरान भारतीय निर्यात बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और आपूर्ति शृंखला साझेदारी पर चर्चा होगी। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय बाजारों में भारतीय उत्पादों के लिए मानक और प्रमाणन जैसे मुद्दे अहम रहते हैं, जिन पर बातचीत से निर्यातकों को राहत मिल सकती है। सरकार का जोर मेक इन इंडिया उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर है। इस यात्रा के परिणाम द्विपक्षीय व्यापार के आगामी आंकड़ों और संभावित समझौतों के रूप में सामने आएंगे। उद्योग जगत को इस दौरे से सकारात्मक संकेतों की उम्मीद है।
गोयल जर्मनी और नीदरलैंड यात्रा पर रवाना हुए

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