गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयोग की तैयारियों के तहत राज्य के निर्वाचन तंत्र ने बीएलओ की प्रशिक्षण और घर-घर सत्यापन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में नामों की सटीकता सुनिश्चित करना और गलत या दोहरे नामों को हटाना है। कई अन्य राज्यों की तरह गुजरात में भी इस अभियान को लेकर राजनीतिक दलों की निगाहें तेज हैं।मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया में बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच करते हैं। आयोग का कहना है कि यह नियमित प्रक्रिया है, जिससे हर पात्र नागरिक का नाम सूची में रहे और कोई अपात्र नाम न रहे। राजनीतिक दल अपने बूथ एजेंटों के माध्यम से प्रक्रिया पर नजर रखने की तैयारी में हैं।आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सत्यापन के दौरान सहयोग करें और अपने दस्तावेज तैयार रखें। यदि किसी का नाम सूची में गलत दर्ज है या छूट गया है तो वह निर्धारित प्रक्रिया से सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। चुनाव आयोग समय-समय पर अभियान की तारीखों और कार्यक्रम की जानकारी जारी करता रहेगा। लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध मतदाता सूची को बुनियादी जरूरत माना जाता है।