चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिन से चल रही हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ कर्मचारी संगठनों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं। हड़ताल गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी ‘इलेवन पावर’ को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बुधवार रात दस बजे से शुरू हुई थी, जिसने उद्योगों, अस्पतालों और आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था।
पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई और बिजली कर्मचारी यूनियन के सभी पदाधिकारी संतुष्ट हैं। उन्होंने ऐलान किया कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के सेक्शन 108 के तहत सरकार एचईआरसी को निर्देश देगी कि संबंधित फैसले का रिव्यू किया जाए। कर्मचारी संगठनों के नेताओं देवेंद्र हुड्डा और जीवन सिंह ठाकुर ने कहा कि सभी कर्मचारी तुरंत काम पर लौटकर युद्धस्तर पर बिजली बहाली में जुट जाएंगे।



