Latest News
शादियाबाद: बहन को खिचड़ी ले जा रहे दो दोस्तो की सड़क एक्सीडेंट में मौत मचा कोहराम0xb6f7e6610xcacc82200x7de45f600xed0da3460x05ef009fगरीब व दुखियों की मशीहा शायरबानो ने की ग्राम सभा कूरा में कंबल वितरणगाजीपुर।Sir जिले में कटे 4 लाख 8 हजार 689 मतदाताओं का नाम-डी एमगाजीपुर: SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक कर सकते है दावें और आपत्ति- डीएम  खानपुर। महाशिवरात्रि पर बिछुड़ननाथ महादेव धाम में होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का महारुद्र जलाभिषेक, कई जिलों से जुटेंगे श्रद्धालुदुल्लहपुर। टॉफी दिलाने के बहाने 5 साल की बेटी को 3 दिनों तक दुष्कर्म करने वाला दुष्कर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तारखानपुर। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गोरखा जाकर स्व. देवव्रत चौबे को दी श्रद्धांजलि, पुरानी यादों को किया ताजासैदपुर। प्रधानपति संग दुर्व्यवहार व धमकी मामले में कोतवाली पहुंचे सैदपुर व सादात के दर्जनों ग्राम प्रधान,मुकदमा दर्ज कराने की मांगमकर-संक्रांति की समस्त पगही ग्रामवासियो को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंसालों बाद उखड़ी सड़क पर इंटरलांकिंग व नाली निर्माण कार्य होने पर जनता ने ली चैन की सांस

JAMSHEDPUR : मॉनसून के मौसम में डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारिया, साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें

Follow

Published on: 18-07-2025

लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें

जमशेदपुर (झारखंड)। मॉनसून के मौसम में डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें।

लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार और सावधानी से इन बीमारियों से बचा जा सकता है।

डेंगू का लक्षण
– बदन, सर, आँखों के पीछे एवं जोड़ों में दर्द।
– त्वचा पर लाल धब्बे का होना।
– नाक, मसूढ़ों या उल्टी से रक्त स्त्राव होना।
– काला पैखाना होना, इस बीमारी के गंभीर लक्षण हैं।

चिकनगुनिया का लक्षण

– अचानक तेज बुखार होना।
– शरीर के जोड़ों में दर्द होना।
– शरीर में दाना का होना या ना होना।

डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी संक्रमित मादा एडिज मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर दिन में काटता है एवं साफ पानी में पनपता है।

– दिन में भी मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
– मच्छर भगाने वाली दवा/क्रीम का प्रयोग दिन में भी करें।

– घर के टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर के पानी, पानी की टी, गमला, फूलदान आदि का पानी हमेशा बदलते रहें।

– अपने आस-पास के जगहों को साफ-सुथरा रखें एवं मच्छर पनपने की जगहों पर कीटनाशी दवाओं का छिड़काव करें ।

– जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल जरूर डालें ।

याद रखें कि हर बुखार डेंगू / चिकनगुनिया नहीं है। ऊपर दिए लक्षण के साथ तेज बुखार से पीड़ित मरीजों को अविलंब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अनुमंडल अस्पताल घाटशिला, सदर अस्पताल अथवा एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाएं। बीमारी की जांच एवं इलाज की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। तेज ज्वर के उपचार हेतु एस्प्रीन अथवा ब्रुफेन की गोलियाँ इस्तेमाल न करें, इसके लिए पारासिटामोल सुरक्षित दवा है।

बीमारी के लक्षण होने पर बिना समय गवायें चिकित्सक से सम्पर्क करें। समय पर उपचार कराने हेतु डेंगू चिकूनगूनिया के मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकते हैं । स्वास्थ्य सलाह के लिए 104 पर डायल करें।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel