उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने सपा को करीब 175 सीटों की प्रारंभिक सूची सौंप दी है। सूची को चार कैटेगरी में बांटा गया है, जिनमें ए कैटेगरी की सीटों पर पार्टी लगभग अडिग है, जबकि बाकी पर बातचीत की गुंजाइश छोड़ रखी है।
पहले 150 सीटों की चर्चा थी, लेकिन अब पार्टी के कुछ नेता 200 तक का आंकड़ा भी दोहरा रहे हैं। कांग्रेस का तर्क है कि 2024 लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की सफलता में उसका भी योगदान था और छह लोकसभा सीटें जीतने के बाद वह सम्मानजनक हिस्सेदारी की हकदार है। पार्टी का कहना है कि अक्टूबर में ही सीटों का अंतिम फैसला हो जाएगा और बात न बनने पर अकेले सभी 403 सीटों पर उतरने की तैयारी भी चल रही है।
दूसरी ओर सपा का रुख साफ है। अखिलेश यादव का फॉर्मूला है कि सीट जरूरी नहीं, जीत जरूरी है। सपा के कई नेता मानते हैं कि 2022 में कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें मिली थीं, जबकि सपा 111 पर पहुंची थी, इसलिए 50-55 से ज्यादा सीटें देना उनके हिसाब से ठीक नहीं होगा। सपा खुद करीब 350 सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है।



