कोलकाता। झारखंड के सारंडा जंगलों में लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों से जुड़े रहे एक दंपति ने शुक्रवार को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया। मंगल और मालती ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में पुलिस कमिश्नर अजय नंद के सामने सरेंडर किया और अपनी एके-47 व इनसास राइफलें पुलिस को सौंप दीं।
मंगल पर पांच लाख और मालती पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, मंगल के खिलाफ झारखंड में छह से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। मंगल वर्ष 2010 में माओवादी संगठन से जुड़ा था और माओवादी नेता किशनजी का करीबी सहयोगी रहा है। वर्ष 2011-12 के बाद वह झारखंड चला गया, जहां पहले दलमा और फिर सारंडा के जंगलों में सक्रिय रहा। बाद में मालती भी झाड़ग्राम से सारंडा पहुंच गई।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले मंगल पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी का और मालती झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर की निवासी है। पुलिस का कहना है कि सारंडा में परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बाद 2016 के आसपास संगठन से जुड़े लोगों ने यह क्षेत्र छोड़ना शुरू कर दिया था। पश्चिम बंगाल के करीब 13 लोग इस समूह से जुड़े थे, जिन्हें अलग-अलग समय और स्थानों से गिरफ्तार किया गया, जिनमें से तीन को हाल ही में झारखंड में पकड़ा गया था। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सरेंडर से माओवादियों के सशस्त्र आंदोलन को बड़ा झटका लगा है।



