मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित टेक संगम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों को लेकर सामूहिक कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि डीपफेक, साइबर धोखाधड़ी, पहचान की चोरी और डिजिटल साक्ष्य की विश्वसनीयता आज की बड़ी चुनौतियां हैं, जिनका सामना सबको मिलकर करना होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान में हो रहे इस तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रौद्योगिकी, कानून, साइबर सुरक्षा, विधि विज्ञान और शिक्षा जगत के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर फोरेंसिक, क्वांटम प्रौद्योगिकी, डेटा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मददगार तो है, लेकिन उसे अंतिम निर्णयकर्ता नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि हम हर काम के लिए पूरी तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निर्भर हो गए तो वही ताकत चुनौती भी बन सकती है। प्रौद्योगिकी को जनकल्याण, नागरिक सुरक्षा और न्याय की प्रभावी व्यवस्था से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में बिजली, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां बिजली चेहरे देखकर मिलती थी, अब सबको समान रूप से मिल रही है। अयोध्या में अब दीपोत्सव का आयोजन होता है, जिसे दुनिया भर में देखा जाता है और वहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बन गया है।



