मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में मौत की सजा पाए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी सजा को चुनौती दी है। दोनों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की हैं। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से जरूरी दस्तावेज जमा किए गए हैं। अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।
मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। मामला मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाया गया था। जांच में सामने आया कि हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी और शव करीब दो सप्ताह बाद बरामद हुआ था।
नियमों के अनुसार, निचली अदालत की ओर से दी गई मौत की सजा पर उच्च न्यायालय की पुष्टि जरूरी होती है। मेरठ अदालत ने अपना 165 पन्नों का फैसला उच्च न्यायालय को भेज दिया है। उच्च न्यायालय अब पूरे फैसले और साक्ष्यों की समीक्षा करेगा। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, लेकिन यही न्यायिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है।
पीड़ित परिवार ने निचली अदालत के फैसले पर संतोष जताया था, जबकि दोषियों के परिवार की प्रतिक्रिया अलग रही। जेल प्रशासन ने बताया कि सजा के बाद दोनों को परामर्श और चिकित्सा सहायता दी गई। अब सबकी नजर उच्च न्यायालय की कार्यवाही पर है, जहां इस मामले की अगली दिशा तय होगी।



