जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में भारतीय दल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारत की झोली में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक आए। यह इन खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
खास बात यह रही कि भारत ने इस बार पिछले संस्करण की तुलना में लगभग आधे खिलाड़ियों का दल उतारा था। हांगझोऊ में 303 खिलाड़ियों के दल ने 111 पदक जीते थे, जबकि नागोया में सिर्फ 168 खिलाड़ियों ने इससे बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा।
भारत के पदक अभियान में एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही, जिसमें कुल 65 पदक आए। भाला फेंक में सुमित अंतिल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि क्लब थ्रो और दौड़ स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। बैडमिंटन और निशानेबाजी में भी भारत के खिलाड़ी चमके।
निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने दो स्वर्ण पदक जीते और विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। समापन समारोह में मोना अग्रवाल और निशाद कुमार भारत के ध्वजवाहक बने। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन भारत में पैरा खेलों के लगातार बढ़ते स्तर का प्रमाण है।



