पटना, बिहार। रौनियार वैश्य न्यास परिषद के तत्वावधान में रविवार को गांधी मैदान स्थित रौनियार भवन में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रौनियार समाज और वैश्य समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन में सावन की पारंपरिक उमंग, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक एकजुटता का वातावरण देखने को मिला। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने महोत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव, विधायक संजय गुप्ता, भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता, रौनियार धर्मशाला के अध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता, कोषाध्यक्ष राकेश गुप्ता तथा समाजसेवी दिलीप गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सावन का महीना भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक परंपराओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए रौनियार समाज से शिक्षा, व्यवसाय और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने का आह्वान किया।
भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन समरसता, एकजुटता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी नई पीढ़ी को संस्कृति, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने सफल आयोजन के लिए रौनियार वैश्य न्यास परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
महोत्सव में अजय गुप्ता बिट्टू, रवि गुप्ता, अतुल कुमार अभी, रवि रौशन, रहीश गुप्ता, शशिकांत गुप्ता, अमिताभ कुमार बंटी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। महिला वर्ग से रेणु गुप्ता, पूनम गुप्ता, पूजा गुप्ता, रीमा रौनक, उर्मिला गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर सावन के सांस्कृतिक उत्सव को जीवंत बनाया।
कार्यक्रम के संयोजक दिलीप गुप्ता और कोषाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने बताया कि परिषद का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन समाज को संगठित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में जारी रहेंगे। आयोजन के समापन पर उपस्थित अतिथियों और समाज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।