पिपरा परसौनी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसक झड़प, युवक का सिर फूटा, हाईवे जाम
सीओ दीपशिखा वर्मा ने खुद संभाली कमान, क्षेत्राधिकारी के सीधे हस्तक्षेप के बाद आधी रात को समाप्त हुआ चक्काजाम
महराजगंज। जिले कोल्हुई थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा परसौनी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में हुए हिंसक पथराव और गंभीर मारपीट के बाद पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। विसर्जन जुलूस के दौरान भड़के इस भीषण बवाल में एक युवक का सिर बुरी तरह फट गया जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाईवे-24 मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। मौके पर हालात इस कदर बिगड़ चुके थे कि प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने के लिए क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा को खुद अग्रिम मोर्चे पर उतरना पड़ा। स्थानीय पुलिस की अनुभवहीनता के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिसके बाद प्रबुद्ध वर्ग ने सीधे आपसे कोल्हुई थाने की कमान किसी अनुभवी और कड़क थानेदार को सौंपने की मांग की है।पिपरा परसौनी गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान आशीष गुप्ता और सूरज शुक्ला आदि के बीच किसी बात को लेकर अचानक कहासुनी के बाद विवाद शुरू हो गया जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप धारण कर लिया। दोनों ओर से लाठी-डंडे और पथराव चलने लगे जिससे विसर्जन स्थल पर भगदड़ मच गई। इस हिंसक झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद भड़के लोगों ने घायलों को न्याय दिलाने और उपद्रवियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशीष गुप्ता ने साफ कर दिया कि जब तक सभी अराजक तत्वों को जेल नहीं भेजा जाता तब तक रोड जाम पूरी तरह जारी रहेगा।इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और ग्रामीण सीधे स्थानीय पुलिस तंत्र पर घोर लापरवाही का आरोप मढ़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि पिपरा परसौनी का यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से जोगियाबारी चौकी कोल्हुई थाना क्षेत्र के अंतर्गत है। इसके बावजूद कोल्हुई पुलिस के फेल हो चुके सूचना तंत्र के कारण समय रहते कोई सुरक्षा कदम नहीं उठाया जा सके। जोगियाबारी क्षेत्रवासियों ने यह भी याद दिलाया कि जोगियाबारी पुलिस चौकी के इंचार्ज अमित सिंह पूर्व के कई कारनामों और कार्यप्रणाली को लेकर भी लगातार अत्यधिक विवादित रहे हैं। वर्तमान में कोल्हुई थाना और जोगियाबारी चौकी की कमान अनुभवहीन हाथों में होने के कारण क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इसके साथ ही हालिया विवादों में घिरे पुलिस कांस्टेबल राहुल सिंह और अमित यादव की भूमिका इस बवाल में भी घोर संदेह के घेरे में आ गई है। लोगों का आरोप है कि इन सिपाहियों की लापरवाही और चौकी की शिथिलता के कारण ही समय रहते कोई कदम नहीं उठाया जा सका। बवाल बढ़ता देख मौके पर क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा के साथ कोल्हुई, बृजमनगंज और पुरन्दरपुर थानों की संयुक्त पुलिस टीम पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि घटना के कई घंटे बीत जाने और मौके पर तीन थानों की फोर्स तैनात होने के बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित होता दिख रहा था। इसके बाद क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा ने स्वयं मोर्चे पर डटकर कमान संभाली और उनके सीधे व कड़े हस्तक्षेप के बाद ही करीब रात्रि 12 बजे उग्र प्रदर्शनकारी शांत हुए और चक्काजाम खत्म हो सका। व्यक्तिगत प्रयास से हाईवे पर आवागमन सुचारू कराया गया जिसके बाद ही लोग मूर्ति विसर्जन के लिए आगे बढ़े। हालांकि क्षेत्रवासियों का अब भी साफ कहना है कि कोल्हुई को एक अनुभवी थानेदार की जिम्मेदारी दी जाए नहीं तो क्रिकेट के मैदान की तरह यहां की पुलिसिंग बार-बार पवेलियन आउट होती दिखती रहेगी। इस संबंध में महराजगंज पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा किए गए सड़क जाम को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हटवा दिया था और तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
पिपरा परसौनी में मूर्ति विसर्जन के दौरान हिंसक झड़प, युवक का सिर फूटा, हाईवे जाम सीओ दीपशिखा वर्मा ने खुद संभाली कमान, क्षेत्राधिकारी के सीधे हस्तक्षेप के बाद आधी रात को समाप्त हुआ चक्काजाम

विज्ञापन | Advertisement
विज्ञापन | Advertisement


