भारतीय युवा मुक्केबाज प्राची ने विश्व मुक्केबाजी अंडर-19 चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए पहला पदक पक्का कर दिया है। कांस्य पदक सुनिश्चित करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन प्राची की नजर अब सेमीफाइनल जीतकर स्वर्ण की दौड़ में आगे बढ़ने पर होगी। भारत में महिला और युवा मुक्केबाजी पिछले वर्षों में लगातार मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। कोचों का कहना है कि प्राची की फुटवर्क और पंचों की सटीकता इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। मुक्केबाजी संघ और खेल प्रेमियों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। सेमीफाइनल मुकाबला कठिन रहने की संभावना है, लेकिन प्राची के अब तक के प्रदर्शन से उम्मीदें बढ़ गई हैं। यह पदक भारत के युवा खेल ढांचे और जमीनी स्तर पर मिल रहे प्रशिक्षण का परिणाम भी माना जा रहा है। पूरे देश की शुभकामनाएं प्राची के साथ हैं।
प्राची ने अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी पदक पक्का किया

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