प्रयागराज में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने ड्रोन सर्वे कराने का फैसला किया है। उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणियों के बाद प्रशासन हरकत में आया है और शहर के नालों तथा जल निकासी मार्गों का हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा, ताकि जलभराव की असली वजहों का पता लगाया जा सके।
मानसून के दौरान प्रयागराज के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती रही है। पुराने नाले अतिक्रमण और गाद की वजह से अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है। ड्रोन सर्वे से नालों की लंबाई, चौड़ाई, अतिक्रमण और टूट-फूट की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर जल निकासी व्यवस्था का नया खाका तैयार किया जाएगा। जहां नाले टूटे हैं, वहां मरम्मत होगी और जहां अतिक्रमण है, वहां कार्रवाई की जाएगी। इस काम में नगर निगम, जल निगम और सिंचाई विभाग मिलकर काम करेंगे।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे हर साल की जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन तकनीक से सर्वे तेज और सटीक होगा, जिससे योजना बनाने में समय की बचत होगी और खर्च भी कम आएगा।



