Latest News
समस्त पगही ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियो को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंFTA पर सहमति से पहले EU का कदम, भारत के लिए GSP सस्पेंडरायबरेली में चौहान गुट का 6 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 750 से अधिक मरीजों को मिला लाभलोधवारी गांव में मिशन शक्ति कार्यक्रम सफल, कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की पहल सराही गईअभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्नबौद्ध धम्म जागरण के तीसरे दिन सम्राट अशोक के धम्म संदेशों पर हुआ विचार–मंथनघोटालों की विरासत, आतंक पर चुप्पी: यही है कांग्रेस–सपा का काला सच – डॉ. राजेश्वर सिंहशतरंज: आर प्रग्गनानंद ने रचा इतिहास, कैंडिडेट्स 2026 के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बनेलोकसभा में वंदे मातरम पर बहस: पीएम मोदी के नेहरू पर हमले पर कांग्रेस का पलटवार; 3 प्रश्न प्रस्तुत करता है | भारत समाचारकौन हैं इलियास गॉर्डन फ़ार्ले? फ़्लोरिडा के शिक्षक पर Google Docs पर छात्र को तैयार करने, यौन उत्पीड़न का आरोपगोवा हादसा: क्लब को आग की मंजूरी नहीं, बिल्डिंग नियमों का भी उल्लंघन भारत समाचारडीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और सीओओ को नोटिस का जवाब देने के लिए एक बार की मोहलत दीडब्ल्यूटीसी 2025-27: एशेज में 2-0 की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष पर; भारत कहाँ हैं? , क्रिकेट समाचारएक शोले गीत, संगीत, नृत्य: गोवा नाइट क्लब फुल पार्टी मोड में, फिर घातक आग से 25 की मौत | गोवा समाचार‘यह वास्तव में अफ़सोस की बात है’: विवादास्पद ‘ग्रोवेल’ टिप्पणी के बाद दक्षिण अफ़्रीका के कोच शुकरी कॉनराड ने गलती स्वीकार की | क्रिकेट समाचार

जनहित नहीं, राजनीतिक स्वार्थ का बजट : राकेश साहू

Follow

Published on: 01-02-2025

 

जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राकेश साहू ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बजट में जनहित की अनदेखी की गई है, नौकरियों के अवसर नहीं हैं, मध्यम वर्ग शोषण का शिकार है और महंगाई चरम पर है।

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोग मुफ्त भोजन पर निर्भर हैं, लेकिन सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।

जीएसटी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा जारी है, और किसान अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अमीरों के कर्ज माफ किए जाते हैं, लेकिन किसानों को राहत नहीं मिलती।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब सरकार ने 12 लाख रूपये तक टैक्स छूट का नया जुमला उछाल दिया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वेतनभोगियों और मजदूर वर्ग को कुछ राहत मिली है, लेकिन निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

कुल मिलाकर, बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव समय के साथ ही स्पष्ट होगा।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel