Latest News
संतोषी मां एवं मां शारदा की कृपा से पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रत्याशी रमाकांत यादव व बिरेंद्र टेंट हाउस संतोष यादव को मोटरसाइकिल किनने का सौभाग्य प्राप्त हुआसमस्त पगही ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियो को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंFTA पर सहमति से पहले EU का कदम, भारत के लिए GSP सस्पेंडरायबरेली में चौहान गुट का 6 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 750 से अधिक मरीजों को मिला लाभलोधवारी गांव में मिशन शक्ति कार्यक्रम सफल, कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की पहल सराही गईअभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्नबौद्ध धम्म जागरण के तीसरे दिन सम्राट अशोक के धम्म संदेशों पर हुआ विचार–मंथनघोटालों की विरासत, आतंक पर चुप्पी: यही है कांग्रेस–सपा का काला सच – डॉ. राजेश्वर सिंहशतरंज: आर प्रग्गनानंद ने रचा इतिहास, कैंडिडेट्स 2026 के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बनेलोकसभा में वंदे मातरम पर बहस: पीएम मोदी के नेहरू पर हमले पर कांग्रेस का पलटवार; 3 प्रश्न प्रस्तुत करता है | भारत समाचारकौन हैं इलियास गॉर्डन फ़ार्ले? फ़्लोरिडा के शिक्षक पर Google Docs पर छात्र को तैयार करने, यौन उत्पीड़न का आरोपगोवा हादसा: क्लब को आग की मंजूरी नहीं, बिल्डिंग नियमों का भी उल्लंघन भारत समाचारडीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और सीओओ को नोटिस का जवाब देने के लिए एक बार की मोहलत दीडब्ल्यूटीसी 2025-27: एशेज में 2-0 की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष पर; भारत कहाँ हैं? , क्रिकेट समाचारएक शोले गीत, संगीत, नृत्य: गोवा नाइट क्लब फुल पार्टी मोड में, फिर घातक आग से 25 की मौत | गोवा समाचार

सदगुरु को प्रतिष्ठित CIF ग्लोबल इंडियन अवार्ड से किया गया सम्मानित

Follow

Published on: 22-10-2024

 

टोरंटो/कनाडा। कनाडा इंडिया फाउंडेशन (CIF) ने वर्ष 2024 के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ग्लोबल इंडियन अवार्ड की घोषणा कर दी है। इस बार यह अवार्ड ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु को दिया जाएगा। सदगुरु पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली 50 हजार कनाडाई डॉलर की धनराशि ‘कावेरी कॉलिंग संस्‍था’ को देंगे। यह संस्था भारत में नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य करती है।
कनाडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा यह सम्‍मान भारतीय मूल के उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर अपना गहरा प्रभाव छोड़ा है। सद्गुरु पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के साथ ही मानव चेतना को आगे बढ़ाने को लेकर संपूर्ण विश्‍व को जागरूक कर रहे हैं।
कनाडा इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष रितेश मलिक ने कहा कि “हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि सद्गुरु न केवल सम्मान स्वीकार किया है बल्कि टोरंटो में होने वाले पुरस्कार समारोह में उपस्थिति के लिए भी सहमति जताई है।
उन्‍होंने कहा कि सद्गुरु के विचार सम्पूर्ण मानवजाति के लिए प्रेरणादायक है। वे प्राचीन गूढ़ भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान को बहुत ही सरल और स्पष्ट तरीके से आम जनमानस को समझाते हैं।
उन्‍होंने कहा कि सद्गुरु व्यक्ति के पूर्ण व्यक्तिगत विकास के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हैं और साथ ही मिट्टी के क्षरण, जलवायु परिवर्तन और खाद्य गुणवत्ता जैसी विश्वव्यापी चुनौतियों के दीर्घकालिक समाधान भी देते हैं।
रितेश मलिक ने कहा कि “वर्तमान समय में सदगुरु के विचार बहुत ही प्रासंगिक है। सदगुरु के विचारों से कनाडा के निवासी भी लाभ उठा सकता है। सदगुरु के उपदेश व्यक्तिगत कल्याण, स्थिरता और समावेशिता पर केंद्रित होते हैं।
बकौल रितेश मलिक “योग, ध्यान और माइंडफुलनेस पर उनका जोर कनाडा की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के साथ पूरी तरह से मेल खाता है, खासकर बड़ी चुनौती बनते मानसिक बीमारी के संदर्भ में।
वहीं, पुरस्कार के लिए चुने जाने पर सद्गुरु ने CIF के प्रति आभार व्यक्त किया है। सद्गुरु ने पुरस्कार में मिलने वाली 50,000 कनाडाई डॉलर की राशि कावेरी कॉलिंग को समर्पित की। यह संस्था भारत की जीवनरेखा कही जाने वाली नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए भगीरथ प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य कावेरी नदी को पुनर्जीवित करना और निजी कृषि भूमि पर 242 करोड़ पेड़ लगाने में सक्षम बनाकर किसानों की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार करना है। इस परियोजना के तहत आज 111 मिलियन पेड़ों को लगाने में सफलता मिली है।
कनाडा इंडिया फाउंडेशन के बारे में
कनाडा इंडिया फाउंडेशन (CIF) एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो कनाडा और भारत के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। आपसी समझ और सहयोग बनाने वाली पहलों के माध्यम से, CIF भारतीय मूल के नेताओं के वैश्विक योगदान को उजागर करने में सहायक रहा है।
सद्गुरु के बारे में
योगी, दूरदर्शी सद्गुरु हमारे समय के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के सबसे ज़्यादा बिकने वाले लेखक, सद्गुरु को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वक्ता और राय बनाने वाले शख्‍स के रूप में जाना जाता है। वह तीन अलग-अलग राष्ट्रपतियों से तीन राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाले एकमात्र जीवित भारतीय हैं, इस पुरस्कारों में प्रतिष्ठित पद्म विभूषण भी शामिल है। तीन दशक पहले, सद्गुरु ने ईशा फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक गैर-लाभकारी मानव-सेवा संगठन है, जिसे दुनिया भर में 17 मिलियन से ज़्यादा स्वयंसेवकों का समर्थन प्राप्त है। कॉन्शियस प्लैनेट पहल के हिस्से के रूप में, उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा जन आंदोलन- मिट्टी बचाओ भी शुरू किया है, जो अब तक 4 बिलियन से ज़्यादा लोगों तक पहुंच चुका है।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel