केंद्र सरकार ने टेलीविजन चैनलों द्वारा कार्यक्रम संहिता के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के उपयोग को लेकर भी चैनलों को सतर्क रहने को कहा है। हाल के दिनों में कुछ प्रसारणों को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिनमें तथ्यों की जांच और संवेदनशील विषयों की प्रस्तुति पर सवाल उठे थे। सूचना प्रसारण नियमों के तहत चैनलों से अपेक्षा की जाती है कि वे सत्यापन के बिना कोई सामग्री प्रसारित न करें और सामुदायिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएं। मीडिया संगठनों का कहना है कि संहिता के पालन के साथ प्रेस की स्वतंत्रता का संतुलन भी जरूरी है। एआई से बनी सामग्री के दौर में असली और बनाई गई सामग्री में फर्क करना दर्शकों के लिए कठिन होता जा रहा है, इसलिए पारदर्शिता और लेबलिंग की मांग बढ़ रही है। सरकार की इस सलाह को प्रसारण जगत में व्यापक चर्चा मिल रही है और चैनलों की आंतरिक समीक्षा प्रक्रियाओं पर इसका असर दिख सकता है।
सरकार ने टीवी चैनलों को कार्यक्रम संहिता चेतावनी दी

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