Latest News
संतोषी मां एवं मां शारदा की कृपा से पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रत्याशी रमाकांत यादव व बिरेंद्र टेंट हाउस संतोष यादव को मोटरसाइकिल किनने का सौभाग्य प्राप्त हुआसमस्त पगही ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियो को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंFTA पर सहमति से पहले EU का कदम, भारत के लिए GSP सस्पेंडरायबरेली में चौहान गुट का 6 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 750 से अधिक मरीजों को मिला लाभलोधवारी गांव में मिशन शक्ति कार्यक्रम सफल, कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की पहल सराही गईअभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्नबौद्ध धम्म जागरण के तीसरे दिन सम्राट अशोक के धम्म संदेशों पर हुआ विचार–मंथनघोटालों की विरासत, आतंक पर चुप्पी: यही है कांग्रेस–सपा का काला सच – डॉ. राजेश्वर सिंहशतरंज: आर प्रग्गनानंद ने रचा इतिहास, कैंडिडेट्स 2026 के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बनेलोकसभा में वंदे मातरम पर बहस: पीएम मोदी के नेहरू पर हमले पर कांग्रेस का पलटवार; 3 प्रश्न प्रस्तुत करता है | भारत समाचारकौन हैं इलियास गॉर्डन फ़ार्ले? फ़्लोरिडा के शिक्षक पर Google Docs पर छात्र को तैयार करने, यौन उत्पीड़न का आरोपगोवा हादसा: क्लब को आग की मंजूरी नहीं, बिल्डिंग नियमों का भी उल्लंघन भारत समाचारडीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और सीओओ को नोटिस का जवाब देने के लिए एक बार की मोहलत दीडब्ल्यूटीसी 2025-27: एशेज में 2-0 की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष पर; भारत कहाँ हैं? , क्रिकेट समाचारएक शोले गीत, संगीत, नृत्य: गोवा नाइट क्लब फुल पार्टी मोड में, फिर घातक आग से 25 की मौत | गोवा समाचार

बौद्ध धर्म गुरु भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो को श्रद्धांजलि, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. शिवजी कुशवाहा ने व्यक्त किया शोक

Follow

Published on: 04-11-2025

कुशीनगर से अमरेंद्र कुशवाहा की विशेष रिपोर्ट —

कुशीनगर। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश डा० शिवजी कुशवाहा ने बौद्ध धर्म गुरु भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

ज्ञात हो कि भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो, जो कि म्यांमार बुद्ध विहार के प्रमुख एवं भिक्षु संघ कुशीनगर के अध्यक्ष थे, ने 31 अक्टूबर 2025 को लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से बौद्ध समाज सहित पूरे देश-विदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो के शिष्य देश-विदेश में फैले हुए हैं। इसी कारण उनके पाथिक शरीर को 10 नवंबर 2025 तक सुरक्षित रखा गया है, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले अनुयायी अंतिम दर्शन कर सकें।

श्रीलंका बौद्ध बिहार के बिहाराधिपति डॉ० नंद रतन भंते महाथेरो ने बताया कि भंदत ज्ञानेश्वर जी का जन्म सन 1936 में वर्मा (म्यांमार) में हुआ था। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बुद्ध की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया था। वे 1963 ई० में कुशीनगर आए और यहीं की नागरिकता ग्रहण की।

भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो ने थाईलैंड, कोरिया, श्रीलंका, ताइवान, नेपाल, तिब्बत, चीन आदि देशों की यात्राएं कीं और बुद्ध के पंचशील, अष्टांगिक मार्ग और करूणा के सिद्धांतों का प्रचार किया। उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी लोगों की निस्वार्थ सेवा की थी।

उनके प्रिय शिष्य अशोक ने कहा कि “गुरु जी का देहावसान हमारे लिए अपूरणीय क्षति है।” वहीं, म्यांमार मंदिर के राम नगीना ने बताया कि भंते ज्ञानेश्वर के अंतिम संस्कार से पूर्व बौद्ध समुदाय द्वारा कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे—

10 नवंबर 2025 की सुबह 6:00 बजे महानिर्माण मंदिर में पूजा-वंदन

7:00 बजे बोधिवृक्ष की वंदना

9:00 बजे भंते जन्मोत्सव

11:00 से 12:00 बजे तक संधदान

11 नवंबर को सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक पुनः संधदान

12:00 से 2:00 बजे तक भंदत ज्ञानेश्वर महाथेरो के पाथिक शरीर का दाह संस्कार किया जाएगा।

इस अवसर पर भंते शीलरतन, भंते यशपाल, भंते तेजेंद्र, समाजसेवी महेंद्र कुशवाहा सहित अनेक बौद्ध भिक्षु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel