आम नागरिक को किफायती हवाई यात्रा से जोड़ने वाली क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान ने दस साल पूरे कर लिए हैं। 21 अक्टूबर 2016 को शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 687 मार्ग शुरू हो चुके हैं और 95 हवाई अड्डे चालू हुए हैं, जिनमें 17 हेलीपोर्ट और दो वाटर एयरोड्रोम भी शामिल हैं। इन मार्गों पर 3.68 लाख से अधिक उड़ानों के जरिए करीब 1.72 करोड़ यात्री यात्रा कर चुके हैं। योजना के तहत 15 अक्टूबर तक व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण के रूप में 5,091.23 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। योजना का अगला चरण 4 जुलाई 2026 को शुरू हुआ है, जिसके लिए 28,840 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। छोटे शहरों को हवाई नक्शे पर लाने वाली इस योजना से पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चरण में पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, जिससे वहां के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचना आसान होगा।
उड़ान योजना के दस साल, 687 मार्गों पर हवाई सेवा

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