लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए सरकार PPP मॉडल पर आयुष अस्पताल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी से बनने वाले इन अस्पतालों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से इलाज की सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक PPP मॉडल अपनाने से अस्पतालों का निर्माण तेज़ी से होगा और संचालन में भी दक्षता आएगी। निजी भागीदारों की विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ मरीज़ों को मिलेगा, जबकि सरकार गुणवत्ता और शुल्क पर निगरानी रखेगी, ताकि इलाज आम आदमी की पहुंच में रहे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष अस्पतालों के विस्तार से एलोपैथिक अस्पतालों पर दबाव घटेगा और लोगों को इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक चिकित्सा की मांग को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


