पूंजी पतियों की सरकार से आम जनता है परेशान

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पूंजी पतियों की सरकार से आम जनता है परेशान


✍️ रीवा (गुढ़):- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर मध्य प्रदेश एन एस यू आई पूर्व राष्ट्रीय संयोजक अतुल दुबे ने सरकार की नीति और नियत पर सवाल उठाए। सितंबर महीना की शुरुआत में ही रु.25 सिलेंडर के दाम बढ़े और सीएम आई ई की रिपोर्ट के तहत 15 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं।

मंहगाई

अतुल दुबे ने बताया महंगाई का तात्पर्य है वस्तुओं की कीमत में वृद्धि होना आज वस्तुओं के दाम सीधे आसमान छू रहे हैं दिनों दिन बढ़ रही धन के दाम से हर वस्तुओं के दाम पर असर पड़ रहा है यह महंगाई गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों को प्रभावित कर रही है।
हर समय सरकार महंगाई को कम करने की बात करती है लेकिन देखने को उल्टा ही मिलता है ।महीने की शुरूआत गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से होती है ईंधन का दाम बढ़ने से हर वस्तुओं का दाम बढ़ता है और इसका असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है अतुल दुबे ने महंगाई
‘जनता की आंखों में आंखें डाल कर करीब से
पूछो महंगाई कैसे जान लेती है
किसी गरीब से पूछो’

बेरोजगारी

अतुल दुबे ने कहा है कि बेरोजगारी किसी भी देश के विकास में प्रमुख बाधाओं में से एक है बेरोजगारी आज देश के लिए बहुत बड़ा मुद्दा बन गई है युवा देश जहां युवा पढ़ लिखकर घर पर बैठे हैं और सरकार उन्ही युंवा से पकोड़ा तलने के लिए बोल रही है।
सीएम आई ई की रिपोर्ट के तहत अभी 1500000 लोग बेरोजगार हुए हैं। लेकिन सरकार के पास युंवाओं के लिए ना कोई दूर दृष्टिता है और ना कोई सोच है आज देश की स्थिति दिनों दिन गर्त की ओर जा रही है।आज युंवाओं में आक्रोश है। लेकिन आज अपने हक के लिए आवाज उठाना भी अपराध बन गया सरकार तानाशाही रवैया से युवाओं की आवाज को कुचल रही है लेकिन युवा डरने वाले नहीं है अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे और इस पूंजीपति सरकार को इस सूट-बूट की सरकार को गद्दी से हटाने का कार्य करेंगे।
दुबे ने 2 लाइने कहीं हैं
कॉलेज के सब बच्चे चुप हैं कागज की एक नाव लिए चारों तरफ दरिया की सूरत फैली हुई है बेकारी है करके मैं M.A. B.A .पास बन गया बेरोजगारी भत्ते का दास।
इस मीडिया संवाद में सैकड़ों युवा सम्मिलित थे इसमें सिलेंडर और पकोड़े रखकर विरोध जताया है इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवीन,अंकित अनूप,अमित,विक्रम,अजीत आदर्श,धीरू,राजन, गुलाम गोस,गंगेश,गौरव,अभिषेक तमाम एन एस यू आई कार्यकर्ता मौजूद थे। ✍️संवाददाता धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा रीवा

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