Latest News
0xb6f7e6610xcacc82200x7de45f600xed0da3460x05ef009fगरीब व दुखियों की मशीहा शायरबानो ने की ग्राम सभा कूरा में कंबल वितरणगाजीपुर।Sir जिले में कटे 4 लाख 8 हजार 689 मतदाताओं का नाम-डी एमगाजीपुर: SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची पर 6 फरवरी तक कर सकते है दावें और आपत्ति- डीएम  खानपुर। महाशिवरात्रि पर बिछुड़ननाथ महादेव धाम में होगा सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का महारुद्र जलाभिषेक, कई जिलों से जुटेंगे श्रद्धालुदुल्लहपुर। टॉफी दिलाने के बहाने 5 साल की बेटी को 3 दिनों तक दुष्कर्म करने वाला दुष्कर्मी को पुलिस ने किया गिरफ्तारखानपुर। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गोरखा जाकर स्व. देवव्रत चौबे को दी श्रद्धांजलि, पुरानी यादों को किया ताजासैदपुर। प्रधानपति संग दुर्व्यवहार व धमकी मामले में कोतवाली पहुंचे सैदपुर व सादात के दर्जनों ग्राम प्रधान,मुकदमा दर्ज कराने की मांगमकर-संक्रांति की समस्त पगही ग्रामवासियो को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंसालों बाद उखड़ी सड़क पर इंटरलांकिंग व नाली निर्माण कार्य होने पर जनता ने ली चैन की सांस0xe3790bd9

मैं तो पिकनिक मनाने आया था बहुत दिन हो गए चलो दर्शन नहीं करें

Published on: 27-06-2024

रिपोर्ट_ दमोह पुष्पेन्द्र रैकवार

निर्यापक मुनि श्री योग सागर जी महाराज कुंडलपुर दमोह ।सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में युग श्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री योग सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा आज पावन पर्व है पर्व का अर्थ होता है महोत्सव कौन सा महोत्सव है ना जन्म महोत्सव है ना दीक्षा महोत्सव है आज तो मृत्यु महोत्सव है।

जिन्होंने मृत्यु महोत्सव का अनुभव किया उन्होंने अपने जीवन में जिनवाणी की आराधना करते-करते जिस चीज की उपलब्धि की जिन्होंने अपने जीवन को पूरा का पूरा लगाया और अंत में उन्हें मृत्यु महोत्सव का लाभ हुआ।

  • ऐसे महान आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज का दर्शन करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ था ।आज से सन् 1968 –1969 दो साल लगातार 2 माह 3 माह तक उनके चरण वंदन करने का रज लगाने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ ।उस वक्त मैं बालक जैसा था ।10 -12 वर्ष का था धर्म के बारे में जानता ना था ।उनके वचन सुनता रहा ।आचार्य विद्यासागर जी ने मुझे णमोकार मंत्र सिखाया।

यह नहीं पूछा मैं यह क्यों पढ़ रहा हूं क्यों पढ़ा रहे हो बड़े कहते हैं बड़ों की बात मानना जो पढ़ा रहे उनसे पूछना नहीं जो कह रहे सही कहते हैं हां कहते जाओ। मुझे ज्ञानसागर महाराजकी क्या उपलब्धि हुई आचार्य ज्ञानसागर महाराज के मुखारविंद से वह उपलब्धि हुई आचार्य ज्ञानसागर महाराज जब भी प्रवचन करते णमोकार मंत्र का मंगलाचरण करते और चत्तारि दंडक का उच्चारण करते। मुझे चत्तारि दंडक याद हुआ यह उपलब्धि ज्ञान सागर महाराज से हुई इससे बढ़कर और क्या चाहिए।

  • दो बार लगातार दर्शन किया तीसरी बार आया तो मैं विद्यासागर के सागर में यह बूंद समा गया ऐसा प्रभाव पड़ा आचार्य ज्ञान सागर का ऐसा बीज हमें मिला था वह विद्यासागर के सरोवर में बीज अंकुरित हुआ। मैंने कभी जीवन में सोचा नहीं था कि मुनि बन जाऊंगा क्योंकि छोटी उम्र थी संस्कार तो थे णमोकार मंत्र आता संस्कार होते हुए वह पुण्य ऐसे जागृत हुआ उनके चरणों में समर्पित हुआ वैराग्य का सोचा नहीं था।

मैं तो पिकनिक मनाने आया था बहुत दिन हो गए यह सोचा दर्शन नहीं करें चलो इतना था पुण्य का उदय ऐसा आया ज्ञान सागर महाराज के दर्शन करते वे दृश्य हमें आज भी सामने दिखाई देते है। हमें भजन के लिए खड़े करते थे जो भी याद आता है कई लोगों ने कविता लिखी उसमें एक कविता हम लोग बोलते थे ।खिले हैं सखी आज दुल्हन बनके ।उनकी कृपा से उनके आशीर्वाद से हम लोग यहां आए हम लोग शक्ति प्राप्त कर रहे हैं जो गुरुओं ने प्राप्त किया। समाधि जिसे प्राप्त हो जाए अब संसार में भटकने की बात नहीं है ।

जैसे आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज ने वह निधि प्राप्त की और तीन माह पूर्व आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने प्राप्त की ।उनके सानिध्य को प्राप्त करने का वह सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel