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जन औषधि केंद्र का एकमात्र सहारा बने मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. हरदयाल

Published on: 27-12-2023

बांदा हमारी टीम के सर्वे में जन औषधि केंद्र कालू कुआं के संचालक प्रीतेश भारत मिश्रा बताते हैं कि- प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना है जो की सरकार की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है एवं इसमें बहुत ही सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें केंद्र संचालक को दवाई का मार्जिन भी बहुत ही कम होता है उदाहरण कि अगर कोई दवा ₹100 की है तो केंद्र संचालक को उसे दवा में मात्र ₹10 ही बचते हैं इसके चलते वह किसी को कोई किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं दे पता है जिस कारण बस कोई भी डॉक्टर जन औषधि परियोजना को सपोर्ट करने में तत्पर नहीं रहते हैं। क्योंकि डॉक्टर सिर्फ वही की दवा लिखते हैं जहां से उनको कमीशन मिलता है। लेकिन कुछ डॉक्टर भगवान के रूप में मरीजों के बीच में उपलब्ध हैं और आज के समय में हमारे बीच काम कर रहे हैं और लोगों को प्रॉपर सेवा दे रहे हैं। जिनका नाम है डॉक्टर हरदयाल जी। यह मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं जिला पुरुष चिकित्सालय में पोस्टेड हैं और बेसहारा लाचार मजबूर एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को बहुत बड़ी सहायता प्रदान कर रहे हैं इनको अपने कमीशन मात्र से ₹1 का मतलब नहीं है यह निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा देते हैं और जन औषधि केन्दो की दवाई लिखते हैं क्योंकि जन औषधि केंद्र में मरीजों को दवाई बहुत ही सस्ती मात्रा में उपलब्ध हो जाती है। मतलब डॉक्टर के द्वारा लिखा गया पर्चा ₹100 से अंदर में ही मरीजों को मिल जाता है जिससे गरीब और मजबूर व्यक्ति दवाई लेने में उसको असमर्थता नहीं होती है वह बड़े ही सुव्यवस्थित तरीके से जन औषधि केन्दो से दवाई खरीद करके अपने मर्ज को ठीक कर सकता है। पूरे जनपद बांदा में इकलौते डॉक्टर हरदयाल ही है जो जन औषधि केदो की दवाओं को लिखते हैं और केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ावा दे रहे हैं और असहाय लोगों की मदद कर रहे हैं नहीं इनके अलावा कोई डॉक्टर मदद करने को तैयार नहीं है।। जन औषधि केंद्र के संचालकों के द्वारा हमारे न्यूज़ टीम के सर्वे में बताया गया कि डॉक्टर हरदयाल जी पर्चे में दवा साल्ट नाम के आधार पर लिखते हैं जिससे संचालकों को दवा देने में कोई कठिनाई नहीं होती है और सब मरीजों को यह कहते हैं कि जन औषधि केंद्र में दवाई ले लेना। इसलिए केंद्र संचालकों ने डॉक्टर हरदयाल जी का बहुत-बहुत आभार जताया है।जन औषधि केंद्र का एकमात्र सहारा बने मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरदयाल जी।
हमारी न्यूज़ टीम के सर्वे में जन औषधि केंद्र कालू कुआं के संचालक प्रीतेश भारत मिश्रा बताते हैं कि-
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना है जो की सरकार की बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है एवं इसमें बहुत ही सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें केंद्र संचालक को दवाई का मार्जिन भी बहुत ही कम होता है उदाहरण कि अगर कोई दवा ₹100 की है तो केंद्र संचालक को उसे दवा में मात्र ₹10 ही बचते हैं इसके चलते वह किसी को कोई किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं दे पता है जिस कारण बस कोई भी डॉक्टर जन औषधि परियोजना को सपोर्ट करने में तत्पर नहीं रहते हैं। क्योंकि डॉक्टर सिर्फ वही की दवा लिखते हैं जहां से उनको कमीशन मिलता है। लेकिन कुछ डॉक्टर भगवान के रूप में मरीजों के बीच में उपलब्ध हैं और आज के समय में हमारे बीच काम कर रहे हैं और लोगों को प्रॉपर सेवा दे रहे हैं। जिनका नाम है डॉक्टर हरदयाल जी।
यह मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं जिला पुरुष चिकित्सालय में पोस्टेड हैं और बेसहारा लाचार मजबूर एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को बहुत बड़ी सहायता प्रदान कर रहे हैं इनको अपने कमीशन मात्र से ₹1 का मतलब नहीं है यह निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा देते हैं और जन औषधि केन्दो की दवाई लिखते हैं क्योंकि जन औषधि केंद्र में मरीजों को दवाई बहुत ही सस्ती मात्रा में उपलब्ध हो जाती है। मतलब डॉक्टर के द्वारा लिखा गया पर्चा ₹100 से अंदर में ही मरीजों को मिल जाता है जिससे गरीब और मजबूर व्यक्ति दवाई लेने में उसको असमर्थता नहीं होती है वह बड़े ही सुव्यवस्थित तरीके से जन औषधि केन्दो से दवाई खरीद करके अपने मर्ज को ठीक कर सकता है। पूरे जनपद बांदा में इकलौते डॉक्टर हरदयाल ही है जो जन औषधि केदो की दवाओं को लिखते हैं और केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ावा दे रहे हैं और असहाय लोगों की मदद कर रहे हैं नहीं इनके अलावा कोई डॉक्टर मदद करने को तैयार नहीं है।। जन औषधि केंद्र के संचालकों के द्वारा हमारे न्यूज़ टीम के सर्वे में बताया गया कि डॉक्टर हरदयाल जी पर्चे में दवा साल्ट नाम के आधार पर लिखते हैं जिससे संचालकों को दवा देने में कोई कठिनाई नहीं होती है और सब मरीजों को यह कहते हैं कि जन औषधि केंद्र में दवाई ले लेना। इसलिए केंद्र संचालकों ने डॉक्टर हरदयाल जी का बहुत-बहुत आभार जताया है।

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