– उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस का चौथा स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया, विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र
शकील अहमद
सरोजनी नगर, लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, लखनऊ का चौथा स्थापना दिवस मंगलवार को संस्थान परिसर में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने आमंत्रित अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अपर निदेशक हेमराज मीना सहित संस्थान के अधिकारियों ने अतिथि वक्ताओं डीआईजी तकनीकी सेवाएं आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार, डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद एवं अन्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. गोस्वामी ने कहा कि संस्थान ने तीन वर्ष का शैक्षणिक सफर पूरा कर चौथे वर्ष में प्रवेश किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कानूनी ज्ञान, फॉरेंसिक समझ और तकनीकी दक्षता को एक साथ विकसित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “आज की समझ ही कल की नेतृत्व क्षमता होगी। हमारा उद्देश्य है कि जब तक दुनिया जागे, तब तक आप उससे काफी आगे हों।”
डीआईजी आशीष तिवारी ने विद्यार्थियों को संकल्प के साथ आगे बढ़ने और नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने की दिशा में प्रयास करने की प्रेरणा दी।
डॉ. सतीश कुमार ने नियमित अध्ययन, समाचार पत्र पढ़ने और शारीरिक अभ्यास पर जोर दिया। डीसीपी अमित कुमार आनंद ने कहा कि जीवन निरंतर सीखने का नाम है।
अपर निदेशक हेमराज मीना ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में उप निदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी, अतुल यादव, जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी सहित संकाय सदस्य एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।