Latest News
समस्त पगही ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियो को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंFTA पर सहमति से पहले EU का कदम, भारत के लिए GSP सस्पेंडरायबरेली में चौहान गुट का 6 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 750 से अधिक मरीजों को मिला लाभलोधवारी गांव में मिशन शक्ति कार्यक्रम सफल, कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह की पहल सराही गईअभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्नबौद्ध धम्म जागरण के तीसरे दिन सम्राट अशोक के धम्म संदेशों पर हुआ विचार–मंथनघोटालों की विरासत, आतंक पर चुप्पी: यही है कांग्रेस–सपा का काला सच – डॉ. राजेश्वर सिंहशतरंज: आर प्रग्गनानंद ने रचा इतिहास, कैंडिडेट्स 2026 के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बनेलोकसभा में वंदे मातरम पर बहस: पीएम मोदी के नेहरू पर हमले पर कांग्रेस का पलटवार; 3 प्रश्न प्रस्तुत करता है | भारत समाचारकौन हैं इलियास गॉर्डन फ़ार्ले? फ़्लोरिडा के शिक्षक पर Google Docs पर छात्र को तैयार करने, यौन उत्पीड़न का आरोपगोवा हादसा: क्लब को आग की मंजूरी नहीं, बिल्डिंग नियमों का भी उल्लंघन भारत समाचारडीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और सीओओ को नोटिस का जवाब देने के लिए एक बार की मोहलत दीडब्ल्यूटीसी 2025-27: एशेज में 2-0 की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलिया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शीर्ष पर; भारत कहाँ हैं? , क्रिकेट समाचारएक शोले गीत, संगीत, नृत्य: गोवा नाइट क्लब फुल पार्टी मोड में, फिर घातक आग से 25 की मौत | गोवा समाचार‘यह वास्तव में अफ़सोस की बात है’: विवादास्पद ‘ग्रोवेल’ टिप्पणी के बाद दक्षिण अफ़्रीका के कोच शुकरी कॉनराड ने गलती स्वीकार की | क्रिकेट समाचार

धूमधाम से मनाया गया भाई-बहन का अटूट प्यार रक्षाबंधन का त्योहार

Published on: 20-08-2024

रिपोर्ट:कुलदीप त्रिपाठी
बांदा। रक्षाबंधन का त्योहार जिले में धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प दिलाया। लोगों ने इस बार शुभ मुहुर्त को देखते हुए बहनों से कलाई पर राखी बंधवाई। बहनों ने राखी की थाली सजाईं उसमें रोली, कुमकुम, अक्षत, दीपक और राखी रखे थे, इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में राखी बांधी। भाई की आरती उतारीं फिर मिठाई खिलाई अपनी सुरक्षा और सम्मान की कामना की। सुबह से ही भद्राकाल लगने के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 32 मिनट के बाद का था। इस तरह से राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 32 मिनट के बाद से लेकर रात 09 बजकर 31 मिनट तक रहा। रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के अनूठे संबंध को और गहरा करने का पर्व है। रक्षाबंधन को लेकर पौराणिक और ऐतिहासिक परंपरा रही है। कहा जाता है की असुर देवता संग्राम में इंद्र को उनकी पत्नी इंद्राणी ने अभिमंत्रित रेशम का धागा बांधा था, जिसकी शक्ति से वे विजयी हुए। भगवान श्री कृष्ण को द्रौपदी द्वारा उनके घायल उंगली में साड़ी की पट्टी बांधने को भी रक्षाबंधन से जोड़कर देखा जाता।

Manvadhikar Media – आपका भरोसेमंद न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म।
देश–दुनिया, ऑटोमोबाइल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, मनोरंजन, एजुकेशन और खेल से जुड़ी ताज़ा और विश्वसनीय खबरें निष्पक्ष दृष्टिकोण के साथ आप तक पहुँचाना हमारा वादा है।

Follow Us On Social Media

Facebook

Youtube Channel