रियाद। हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से नाराज सऊदी अरब ने चीन को कड़ा संदेश दिया है। सऊदी पक्ष का कहना है कि चीन तटस्थता की बात करता है, लेकिन हूती विद्रोहियों को मिल रही तकनीकी मदद पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार हूती मिसाइलों के डिजाइन और निर्माण में बाहरी सहायता के संकेत मिले हैं, जिन पर सऊदी अरब ने गहरी आपत्ति जताई है।सऊदी अरब ने चीन से तीन प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है और मांग की है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगे। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि चीन हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करता रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह तनाव बढ़ता है तो इसके असर तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर दिख सकते हैं। हूती हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब ही नहीं, इजराइल और लाल सागर से गुजरने वाले जहाज भी बने हैं। फिलहाल सभी पक्षों के बयानों पर दुनिया की नजर है और क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं।