नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने के लिए पुलिस ने नेटवर्क आधारित कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया है। अधिकारियों के अनुसार अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर उनके पूरे नेटवर्क, अवैध कमाई और तस्करी में इस्तेमाल साधनों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अब तक छह हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं, 36 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त हुआ है और 26 गिरोहों का भंडाफोड़ हुआ है। केंद्रीय स्तर पर 2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी रोकने के साथ नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के पुनर्वास पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। जिलों में विशेष टीमें गठित कर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
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