लोकगायिका मनीषा श्रीवास्तव को बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार मिलने के बाद उनके कार्यक्रमों की मांग बढ़ गई है। बिहार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा ने लोक संगीत की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया है। सम्मान मिलने के बाद सांस्कृतिक संस्थाओं और आयोजकों की ओर से उन्हें कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। मनीषा का कहना है कि लोक संगीत हमारी जड़ों से जुड़ा है और इसे संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। युवा कलाकारों के लिए उनकी सफलता प्रेरणा का स्रोत बनी है। संगीत जगत के लोगों ने भी इस सम्मान का स्वागत करते हुए कहा है कि लोक कलाकारों को मंच और पहचान मिलने से लोक संस्कृति मजबूत होती है। आने वाले दिनों में मनीषा कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देंगी।
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