जम्मू और कश्मीर में स्थित माता वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कटरा से भवन तक के मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है और यात्रा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
माता वैष्णो देवी का मंदिर हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। मान्यता है कि सच्चे मन से दर्शन करने वालों को माता का आशीर्वाद मिलता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, विशेषकर नवरात्र के दौरान भीड़ और बढ़ जाती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे, बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है।
श्राइन बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के लिए पंजीकरण, आवास और प्रसाद की व्यवस्था की है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता की व्यवस्था है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वैष्णो देवी की यात्रा केवल शारीरिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था की परीक्षा भी है। कठिन चढ़ाई के बाद माता के दर्शन होने पर मन को शांति मिलती है। स्थानीय व्यापारियों को भी यात्रा से लाभ होता है, क्योंकि बड़ी संख्या में यात्री कटरा में ठहरते हैं।



