जम्मू-कश्मीर सरकार ने परीक्षा में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की हैं। जम्मू और श्रीनगर में प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालयों को विशेष त्वरित अदालत के रूप में नामित किया गया है। इस संबंध में कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य विभाग ने अधिसूचना जारी की है।
यह अधिसूचना उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नाम से जारी हुई है और इसमें लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत अदालतों को नामित किया गया है। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद लिया गया है। अधिसूचना की प्रतियां महाधिवक्ता, गृह विभाग, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल और दोनों नामित अदालतों को भेजी गई हैं।
इन विशेष अदालतों में अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई होगी। सरकार का मानना है कि परीक्षा धांधली के मामलों में त्वरित फैसला होने से परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहेगी और मेहनती छात्रों के साथ न्याय होगा। नकल के मामलों में देरी से जहां दोषियों को लाभ मिलता था, वहीं अब तेज सुनवाई से इस पर अंकुश लगने की उम्मीद है।



